तिरुवनंतपुरम में गुरुवार सुबह एक अधेड़ उम्र के शख्स ने खुद पर आग लगा ली। उसने जहां खुद को आग लगाई वह स्थान भाजपा का विरोध प्रदर्शन स्थल था। सुबह के लगभग 2 बजे 49 साल के वेणुगोपालन नायर ने अपने शरीर पर पेट्रोल डाला और आग लगा ली। इसके बाद वह उस तंबू की तरफ बढ़ गया जहां भाजपा के नेता और कार्यकर्ता वामपंथी सरकार द्वारा सबरीमाला मंदिर के परिसर में लगाए गए पुलिस प्रतिबंध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेता में से एक सीके पद्मनाभन इस मसले पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। वह उस समय घटनास्थल पर मौजूद थे जब अधेड़ ने खुद को आग के हवाले कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक जो मौके पर मौजूद थे उन्होंने आग को बुझाने की कोशिश की। नायर को तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज लेकर जाया गया। तब तक वह 90 प्रतिशत तक जल चुका था। उसकी स्थिति बहुत गंभीर बताई जा रही है।
छावनी पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर, 'जिजिन जी चाको ने कहा नायर खुद को आग के हवाले करते समय अयप्पा, अयप्पा चिल्ला रहा था। उसी समय नायर के परिवार ने उसे त्याग दिया। उसके परिवार में दो पत्नियां और बच्चे हैं। ऐसा हो सकता है कि उसने निजी कारणों की वजह से यह दर्दनाक कदम उठाया होगा।' पुलिस ने इस मामले की जांच करनी शुरू कर दी है। नायर तिरुवंतपुरम के मुट्टाडा का रहने वाला था।
बता दें कि सबरीमाला पर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सितंबर के आखिर में उच्चतम न्यायालय ने सभी उम्र की महिलाओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोल दिए थे। जिसका कि भाजपा, कांग्रेस सहित अयप्पा के भक्त विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे। ऐसे में 10-50 वर्ष की उम्र वाली महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने नहीं दिया जाना चाहिए। भाजपा का सत्ताधारी पार्टी और पुलिस के साथ कई बार इस मसले पर टकराव हो चुका है। आत्महत्या की धमकियां कई बार मिल चुकी हैं लेकिन यह पहली बार है जब किसी ने खुद को आग के हवाले कर दिया हो।