दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) महासचिव मोहम्मद गुलाम सरवर ने अपनी भारत यात्रा के दौरान वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सार्क में सहयोग के मुद्दों पर भारतीय अधिकारियों से चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सार्क महासचिव सरवर ने विदेश सचिव विनय क्वात्रा और विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह से मुलाकात की। इसके अलावा विदेश मंत्रालय (एमईए) में सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार के साथ व्यापक बातचीत की।
विदेश मंत्रालय ने कहा, चर्चा के दौरान भारत ने सार्क के माध्यम से दक्षिण एशिया के लोगों की वृद्धि और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस पर भी जोर दिया गया कि भारत सार्क को दक्षिण एशिया में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संघ मानता है। दक्षिण एशिया के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने के लिए कई प्रयास और पहल कर रहा है।
भारतीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात के बाद सार्क महासचिव ने दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (एसएयू) का भी दौरा किया।
11 मई को भारत आए थे सरवर
बता दें कि बांग्लादेशी राजनयिक सरवर 11 मई को अपनी पांच दिवसीय यात्रा पर भारत आए थे। जुलाई 2023 में समूह महासचिव के रूप में कार्यभार संभालने के बाद सार्क के किसी भी सदस्य देश की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा थी।
सार्क में ये देश शामिल
सार्क एक क्षेत्रीय गुट है जिसमें भारत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं। यह समूह 2016 के बाद से बहुत प्रभावी नहीं रहा है, क्योंकि 2014 में काठमांडू में हुए आखिरी शिखर सम्मेलन के बाद से इसका द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन नहीं हुआ है।
उरी हमले के बाद 2016 में रद्द हुआ था शिखर सम्मेलन
सार्क शिखर सम्मेलन 2016 इस्लामाबाद में आयोजित किया जाना था, लेकिन उस वर्ष 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना शिविर पर आतंकवादी हमला हो गया, जिसके बाद भारत ने मौजूदा परिस्थितियों के कारण शिखर सम्मेलन में भाग लेने से मना कर दिया था। वहीं, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद बैठक में भाग लेने से इन्कार कर दिया था, जिसके बाद शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था।