सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में जी7 विदेश मंत्रियों से मिले। यूएनएससी सहयोग, समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह सुरक्षा और सबमरीन केबल पर चर्चा हुई।
भारत के विदेश मंत्री जी7 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। यहां उन्होंने जी7 समूह के विदेश मंत्रियों के साथ अहम बैठक की। यहां उन्होंने भारत के यूएनएससी को सहयोग समेत साझा हितों पर बात की। जयशंकर ने एक्स पर कुछ तस्वीरों को पोस्ट करके इसकी जानकारी दी।
विदेश मंत्री ने लिखा समुद्री संचार रेखाओं की सुरक्षा, सबसे पहले प्रतिक्रिया करने वाले के तौर पर काम करना, बंदरगाह सुरक्षा को मजबूत करने और सबमरीन केबल संरचना के लिए मदद करने में हमारी भूमिका पर बल दिया। इस बातचीत में भारत और जी7 के बीच कई समानताएं और साझा हित पर भी मंथन हुआ।
इसके साथ ही एस जयशंकर ने एक गोलमेज बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, म्यूनिख में आस्पेन के राउंडटेबल ’दिल्ली डिसाइड्स: मैपिंग इंडियाज पॉलिसी कैलकुलस’ के साथ अहम बैठक की। बहुध्रुवीय मांगों को पूरा करने के लिए एक तेज और बेजोड़ विदेश नीति की जरूरत पर जोर दिया। इस संबंध में इंडिया-ईयू एफटीए और इंडिया-यूएस ट्रेड डील के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया।
अनंता आस्पेन ने भी एक्स पोस्ट पर विदेश मंत्री का आभार जताते हुए जानकारी दी कि चर्चा में भारत की विकास रणनीति, मुख्य सहयोगी के सामने मौजूद विकल्प, और वैश्विक गतिशीलता में आए बदलाव के साथ सामरिक स्वायत्तता क्यों एक स्थिर सहारा बनी हुई है।
अनंता आस्पेन सेंटर भारत में स्थित एक प्रमुख गैर-लाभकारी और गैर-पक्षपाती संगठन है। इसे 2004 में स्थापित किया गया था। यह मूल्य-आधारित नेतृत्व और भारत के विकास से जुड़े सामाजिक-आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देता है। यह आस्पेन इंस्टीट्यूट, यूएसए, और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से काम करता है।