पूर्व विदेश सचिव एय जयशंकर को मोदी सरकार में विदेश मंत्री का जिम्मा मिला है। अपने पहले ट्वीट में उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पदचिह्नों पर चलने को गर्व की बात बताया था। अब वह स्वराज के नक्शेकदम पर चलते हुए दिखाई भी दे रहे हैं। इसकी झलक शनिवार को देखने को मिली जब उन्होंने ट्विटर पर मदद मांगने वाले कुछ भारतीयों को जवाब दिया।
ट्विटर पर अफीम नाम के ट्विटर अकाउंट से एक यूजर ने जयशंकर को ट्वीट करते हुए लिखा, 'हैलो सर, कृपया मेरी मदद करें। मैं अपने पति को भारत वापस लाना चाहती हूं। वह बचने के लिए अदालत के समन का जवाब नहीं दे रहे हैं और शांतिपूर्वक कुवैत में रह रहे हैं। उनके माता-पिता मुझे उनके घर में भी रहने नहीं दे रहे हैं।' इसका जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा, 'कुवैत में मौजूद हमारा दूतावास इसपर कार्य कर रहा है। कृपया उनके संपर्क में रहें। '
महालक्ष्मी नाम की दूसरी ट्विटर यूजर ने लिखा, 'सर हम पारिवारिक यात्रा पर जर्मनी और इटली आए थे। इस समय हम इटली के तोरबोले में हैं। मेरा, मेरे बेटे और पति का पासपोर्ट मेरे बैग के साथ चोरी हो गया है। हम तीन जून को म्यूनिख और छह को भारत की यात्रा करने वाले हैं। कृपया हमारी मदद करें।' इसके जवाब में विदेश मंत्री ने लिखा, 'रोम/म्यूनिख में हमारा दूतावास आपकी मदद कर देगा। कृपया उनसे संपर्क करें।'
जयशंकर 1977 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। 2015 से 2018 तक वह विदेश सचिव की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह पहले ऐसे विदेश सचिव हैं जिन्हें कि विदेश मंत्री बनाया गया है। उन्हें चीन और अमेरिका का विशेषज्ञ माना जाता है। जयशंकर सितंबर 2014 में अमेरिका में भारतीय राजदूत थे। इसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे और उन्होंने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्कवायर गार्डन में अपना बहुचर्चित भाषण दिया था।
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय का जिम्मा संभालने के बाद अपने पहले ट्वीट में उन्होंने कहा, 'आप सभी की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। यह जिम्मेदारी मिलने पर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। सुषमा स्वराज के पदचिह्नों का अनुसरण करना मेरे लिए गर्व से भरा अहसास है।'