पश्चिम बंगाल में 'जय श्री राम' के नारे पर सियासत और तेज हो गई है। शुक्रवार को ममता बनर्जी उन लोगों पर भड़कते हुए दिखाई दीं जो 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे थे। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो काफी वायरल हो गया था। वहीं बंगाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दस लोगों को गिरफ्तार भी किया था। इस घटना के बाद बंगाल बीजेपी ने ममता बनर्जी को जय श्री राम लिखे 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का फैसला किया है। बैरकपुर से नवनिर्वाचित सांसद अर्जुन सिंह ने इसकी जानकारी दी।
सांसद अर्जुन सिंह ने कहा, 'हमने मुख्यमंत्री आवास पर 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का फैसला किया है। इन सभी पर 'जय श्री राम' लिखा होगा। ममता बनर्जी ने 'जय श्री राम' के नारे लगाने वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब भाजपा 'जय श्री राम' लिखे 10 लाख पोस्टकार्ड भेजेगी। उन्हें 10 लाख लोगों को गिरफ्तार करने दीजिए। ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है।'
अर्जुन सिंह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक रहे हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने यह बात भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस की लाठीचार्ज किए जाने के बाद कही। भाजपा कार्यकर्ता उस जगह पर 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे थे जहां टीएमसी के नेता बैठक कर रहे थे।
टीएमसी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी के नेता उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में इकट्ठा हुए थे। ताकि उन कार्यालयों को वापस लेने के लिए रणनीति बनाई जा सके जिन्हें भाजपा ने अपने कब्जे में ले लिया है। कांचरापाड़ा अर्जुन सिंह के बैरकपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। टीएमसी नेता और मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने दावा किया कि सिंह और भाजपा नेता मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय क्षेत्र में परेशानी पैदा करने का षड्यंत्र रचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभ्रांशु बीते मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बैठक स्थल के बाहर इकट्ठा हुए लोगों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि मलिक, मदन मित्रा, तपस रॉय और सुजीत बोस जैसे टीएमसी नेताओं की उपस्थिति क्षेत्र की शांति के लिए हानिकारक है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल के जवानों ने पहले विरोध प्रदर्शन करने वालों को समझाने की कोशिश की लेकिन बाद में स्थिति जब उनके हाथ से निकल गई तो लाठीचार्ज किया गया।