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Jaishankar: जयशंकर बोले- PM का 'आज युद्ध का युग नहीं' कहना वैश्विक भावना की अभिव्यक्ति; चीन को दिया करारा जवाब

Tue, 29 Aug 2023 10:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Jaishankar: विदेश मंत्री ने कहा, 'चीन ने पहले भी ऐसे नक्शे जारी किए हैं जहां उसने उन क्षेत्रों पर दावा किया है जो उनका नहीं है। नक्शा बनाने का कोई मतलब नहीं है। ये क्षेत्र भारत का हिस्सा हैं।'
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S Jaishankar - फोटो : Social Media
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व राजनीति की बहुत मजबूत समझ है। उन्होंने कहा कि उनका यह बयान कि 'यह युद्ध का युग नहीं है' रूस-यूक्रेन संघर्ष पर वैश्विक भावना को अभिव्यक्त करता है। 

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एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा कि यह वाक्य उन्होंने समरकंद में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान कहा था। मैं इसे वैश्विक भावना के वाक्य के रूप में लेता हूं। वैश्विक भावना समाधान के रूप में आज एक संघर्ष या युद्ध की कल्पना नहीं कर सती है, क्योंकि इसके हर किसी जीवन के लिए कई परिणाम हैं। मैं कहूं कि उन्होंने उस एक वाक्य में कई विविध देशों के विचारों को स्पष्ट किया।   

उन्होंने पीएम मोदी को एक ऐसा व्यक्ति बताया जिनकी विदेश नीति में बहुत रुचि है। जयशंकर ने कहा, मैं उनसे पहली बार 2011 में मिला था। वह कुछ दिनों के लिए चीन में थे। तब मैं राजदूत ता। मैंने उन्हें इसमें व्यावहारिक रूप से दिलचस्पी लेते पाया। तबसे मैं उनके साथ बहुत यात्रा कर चुका हूं। उनकी बहुत सारी यात्राएं लगातार यह समझने की कोशिश करती हैं कि कहां क्या हो रहा है और क्या नया है। वह लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को देख रहे हैं। 

यह जिक्र करते हुए कि प्रधानमंत्री ऐसे व्यक्ति हैं जो भारत के निर्माण के लिए बहुत प्रतिबद्ध हैं, विदेश मंत्री ने कहा कि वह जिज्ञासा वाले व्यक्ति हैं जो नई चीजें सीखने के लिए बहुत खुले हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विदेश नीति को बहुत समय देते हैं, क्योंकि हम एक वैश्वीकृत दुनिया में रह रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं विदेश सचिव बनने के बाद ही उन्हें अच्छी तरह से जान पाया। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने पहले कितनी यात्राएं की हैं, उनके क्या अनुभव हैं, उनके क्या संपर्क हैं। मैं हैरान हूं कि वह अभी भी उन्हें जानते हैं, जिन्हें पहले मिले थे और जिन स्थानों पर वह रहे हैं।  

मंत्री ने जी-20 से निपटने के भारत के तरीके का हवाला देते हुए कहा कि यह दुनिया में प्रधानमंत्री की रुचि का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा, 'हमारा आदर्श वाक्य एक परिवार, एक भविष्य है। हम वास्तव में वैश्विक तरीके से अपनी अध्यक्षता कर रहे हैं। आज आपके पास वास्तव में कोई है जिसने इस बारे में सोचा है और कहा है कि जब मैं वहां जाता हूं तो मैं न केवल 1.4 अरब भारतीयों के लिए बोल रहा हूं बल्कि मैं 125 अन्य देशों के लिए भी बोल रहा हूं, क्योंकि वे मेज पर नहीं हैं और उन्हें उनके लिए बोलने के लिए किसी की जरूरत है।'

ब्रिक्स सम्मेलन के बीच चंद्रयान की सफलता पर कही यह बात
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर जयशंकर ने कहा कि दूसरे दिन तक शिखर सम्मेलन में बातचीत इस मिशन पर केंद्रित हो गई थी। मंत्री ने कहा, उस शाम दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने जो भाषण दिया, ऐसा लगा जैसे हर कोई चंद्रयान का हिस्सा महसूस कर रहा है। रामाफोसा ने कहा कि वह पीएम मोदी के बगल में बैठना चाहते हैं। दुनिया का एक बहुत बड़ा हिस्सा हमारे साथ था।

जी-20 की अध्यक्षता पर क्या कहा
उन्होंने कहा, 'भारत की जी-20 अध्यक्षता अद्वितीय रही है। जी-20 अपने आप में अनूठा है और भारत की अध्यक्षता विशेष है क्योंकि सदी में एक बार आने वाली महामारी और चल रहे संघर्ष के कारण आज दुनिया कहीं अधिक जटिल है। दुनिया की स्थिति कहीं अधिक चिंताजनक है। ऐसे में कौन आगे बढ़कर बीच का रास्ता निकाल सकता है? पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण में विभाजन हैं। इसे कौन पाट सकता है? देश को तटस्थ नहीं होना चाहिए, बल्कि सम्मान का अधिकार होना चाहिए और दुनिया को दिखाने के लिए कुछ होना चाहिए। यह भारत है।'

'अनुच्छेद 370 बीते दस वर्षों में सबसे बड़ी उपलब्धि'
उन्होंने कहा, 'दुनिया ने हम पर दबाव बनाने के लिए इस मुद्दे (कश्मीर मुद्दे) का इस्तेमाल किया। हमने अनुच्छेद 370 के साथ जो किया, मैं कहूंगा कि यह पिछले 10 वर्षों में हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लाल चौक पर जाइए और खुद देखिए। मैं 2019 में कैबिनेट का सदस्य था और कश्मीर के बारे में लिए गए निर्णयों में शामिल था। मेरा एक हिस्सा अभी भी आश्चर्यचकित है कि हमने इस स्थिति को इतने लंबे समय तक कैसे रहने दिया।'

'पाकिस्तान की अब कोई बात नहीं करता'
उन्होंने कहा, 'अगर आज कोई पाकिस्तान के बारे में बात नहीं करता है या इसका उतना जिक्र नहीं किया जाता है...मैं क्या कह सकता हूँ? इसे 'बाजार के फैसले' के रूप में देखने का एक तरीका। खोने वाले स्टॉक के बारे में कौन बात करता है? कोई भी हारने वाले स्टॉक के बारे में बात नहीं करता है।'

जलवायु परिवर्तन से बाधित होती है आपूर्ति श्रृंखला
उन्होंने कहा, 'हम 125 देशों में गए हैं और उनसे जी-20 के मुद्दों के बारे में पूछा है। जलवायु समस्या बदतर होती जा रही है। यह कोई अलग विभाग नहीं है। जलवायु आपदाएं नियमित रूप से हो रही हैं और एक प्रमुख आर्थिक अवरोधक बन गई हैं। यदि जलवायु परिवर्तन से आपूर्ति श्रृंखला बाधित होती है, तो आपकी पूरी अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ जाएगी।

वैश्विक दक्षिण पर रखी यह  राय
जयशंकर ने कहा, 'वैश्विक दक्षिण वे हैं जो अपने सीमित संसाधनों के बावजूद दूसरे देशों के लिए काम करेंगे, क्योंकि हमें लगता है कि हम सभी एक परिवार का हिस्सा हैं और उनकी समस्या हमारी समस्या है।' विदेश मंत्री ने कहा, 'वैश्विक दक्षिण जानता है कि वे वैश्विक दक्षिण हैं। वैश्विक दक्षिण विकास, आय और इतिहास का प्रतिबिंब है, और दिल में एक जगह है। कोई भी कह सकता है कि हम वैश्विक हैं। लेकिन क्या आप इस तरह से व्यवहार करते हैं?'
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चीन पर साधा निशाना
उन्होंने कहा, 'जब मैं देशों का दौरा करता हूं तो देखता हूं कि पिछले कुछ वर्षों में कई देशों ने हमसे बात करनी शुरू कर दी है। जब वे हमारी योजनाओं की दक्षता और पैमाने को देखते हैं, तो वे इन्हें प्रेरणा के रूप में देखते हैं और महसूस करते हैं कि इसे दोहराया और किया जा सकता है।' उन्होंने कहा, 'चीन ने पहले भी ऐसे नक्शे जारी किए हैं जहां उसने उन क्षेत्रों पर दावा किया है जो उनका नहीं है। नक्शा बनाने का कोई मतलब नहीं है। ये क्षेत्र भारत का हिस्सा हैं। हम बहुत स्पष्ट हैं कि हमारे क्षेत्र क्या हैं। बेतुके दावे करने से अन्य लोगों के क्षेत्र आपके नहीं हो जाते।'
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