सिंगापुर में विदेश सचिव एस जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि एशियाई देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध व्यापक रूप से बढ़ रहे हैं। इसलिए भारत और चीन के बीच मतभेद को विवाद का रूप न दें।जयशंकर ने यह भी कहा कि एशियाई देशों पर भारत और चीन के संबंधों का प्रभावी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम दो महाशक्तियों की निकटता के बारे में जागरूक हैं।
...And two, In their relationship India&China must not allow differences to become disputes: Foreign Secretary S Jaishankar in Singapore pic.twitter.com/bW0JgoFp86
— ANI (@ANI_news) July 11, 2017
एस जयशंकर ने यह भी कहा कि आज भारत-चीन संबंध वास्तव में बहुमुखी हैं। पिछले दो महीनों के दौरान जब वे दो देशों के नेताओं से मिले तो वे 2 अंकों की सहमति पर पहुंच गये। विदेश सचिव ने यह भी कहा कि ये केवल भारत और चीन का निजी मामला नहीं है बल्कि इस मामले में एशिया समेत पूरा विश्व रूचि रखता है। वैश्विक अनिश्चितता के समय में, भारत और चीन के संबंध स्थिरता का प्रतीक हैं।
It is not only India and China that have stakes in each other, world and especially the ASEAN has vested interest in this matter: Jaishankar
— ANI (@ANI_news) July 11, 2017