रायसीना डायलाग में हिस्सा लेते हुए ब्रिटेन ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान को उसके यहां सक्रिय आतंकी गुटों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ये आतंकी संगठन दक्षिण एशिया में शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं और एफएटीएफ की काली सूची से बचने के लिए पाकिस्तान को इनके खिलाफ कड़े कदम उठाने होंगे।
अफगानिस्तान के लिए ब्रिटेन के विशेष प्रतिनिधि गैरेथ बेले ने कहा, पाकिस्तान ने अब तक एफएटीएफ के समक्ष जो भी सबूत रखें हैं वे उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए पर्याप्त हैं। अब सब कुछ स्पष्ट है अगर पाकिस्तान उसकी जमीन पर पनप रहे आतंकी संगठनों पर अंकुश नहीं लगाता तो यह उसके लिए बेहद मुश्किल हो सकता है। इसमें अब कोई दो राय नहीं है कि पाकिस्तान में आतंकी गुट सक्रिय हैं। पाकिस्तान सरकार के लिए ये बड़ा खतरा हैं ऐसे में उसके पास सिर्फ इससे निपटने का एक ही विकल्प है त्वरित कार्रवाई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को ऑस्ट्रेलिया व हंगरी के विदेश मंत्री से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री मेरिस पेन ने आपसी संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर बात की। एक साझा बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच विश्वास, साझा हितों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को आपसी सूझबूझ से मजबूत बनाया जाएगा। दोनों पक्ष व्यापार, आर्थिक, रक्षा व सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए भी सहमत हुए।