विदेश मंत्री एस जयशंकर और लाओस के उप प्रधानमंत्री थोंगसावन फोम विहाने ने भारत-लाओस संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग की समीक्षा की तथा रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (लाओस) के उप प्रधानमंत्री थोंगसावन फोम विहाने के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच गहरे और पुराने सभ्यतागत संबंधों पर जोर दिया। यह मुलाकात 10वीं भारत-लाओस संयुक्त आयोग की बैठक के मौके पर हुई।
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राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे
एस जयशंकर ने अपनी शुरुआती बातों में कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि आज की चर्चा बहुत सफल रहेगी। थोंगसावन फोम विहाने एक जून से तीन जून तक भारत की यात्रा पर हैं। यह उनकी पहली भारत यात्रा है। खास बात यह है कि भारत और लाओस अपने राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे कर रहे हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म और रामायण की साझा विरासत है। यह सांस्कृतिक जुड़ाव इतिहास में बहुत पीछे तक जाता है। जयशंकर ने साल 2024 की अपनी लाओस यात्रा को भी याद किया। उस समय लाओ पीडीआर आसियान (ASEAN) का अध्यक्ष था। उन्होंने वहां के प्रधानमंत्री से हुई अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया।
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पीएम की 2024 की लाओस यात्रा पर भी हुई बात
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अक्टूबर 2024 की लाओस यात्रा पर भी बात हुई। उस समय दोनों देशों के बीच कई समझौतों और एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए थे। आज की बैठक में इन समझौतों की समीक्षा करने का मौका मिला। दोनों नेताओं ने राजनीतिक सहयोग, आर्थिक संबंध, रक्षा और विकास साझेदारी पर चर्चा की। इसके अलावा शिक्षा, संस्कृति और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
क्या बोले लाओस के डिप्टी पीएम?
बुधवार दोपहर को फोम विहाने ने 'इंडिया-लाओस बिजनेस फोरम' में भी हिस्सा लिया। इसका आयोजन दिल्ली के पुराने व्यापार संगठन इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) ने किया था। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने कहा कि दशकों से दोनों देशों का आपसी सहयोग हर क्षेत्र में मजबूत हुआ है।
उप प्रधानमंत्री ने भारतीय कंपनियों को अपने देश में व्यापार की अपार संभावनाओं को देखने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने साफ कहा कि उनका देश केवल निवेशकों की तलाश में नहीं है। वे भारत के साथ 'रणनीतिक साझेदार' के रूप में जुड़ना चाहते हैं।