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India-Indonesia: इंडोनेशियाई मंत्री महफुद से मिले एस जयशंकर, म्यांमार समेत इन मसलों पर हुई चर्चा

Tue, 29 Nov 2022 08:43 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर इंडोनेशिया के शीर्ष मंत्री मोहम्मद महफुद एमडी दिल्ली आए हैं। उनके साथ दिल्ली दौरे पर इंडोनेशियाई उलेमाओं का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दौरे के दौरान इंडोनेशिया के उलेमा अपने भारतीय समकक्षों के साथ वार्ता करेंगे। 
 
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इंडोनेशिया के मंत्री से की मुलाकात। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर भारत आए इंडोनेशिया के राजनीतिक, कानूनी और सुरक्षा मामलों के समन्वय मंत्री डॉ मोहम्मद महफुद एमडी से भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच, जी20, द्विपक्षीय सहयोग और म्यांमार की स्थिति सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट करके इस मुलाकात की जानकारी दी है। 

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की इंडोनेशिया के मंत्री से मुलाकात
विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा "इंडोनेशिया के राजनीतिक, कानूनी और सुरक्षा मामलों के समन्वय मंत्री डॉ मोहम्मद महफुद एमडी से मिलकर खुशी हुई। इस दौरान जी20 फॉलो-अप, द्विपक्षीय सहयोग और म्यांमार की स्थिति पर चर्चा की।" 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर इंडोनेशिया के शीर्ष मंत्री मोहम्मद महफुद एमडी दिल्ली आए हैं। उनके साथ दिल्ली दौरे पर इंडोनेशियाई उलेमाओं का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दौरे के दौरान इंडोनेशिया के उलेमा अपने भारतीय समकक्षों के साथ ही अन्य धर्मों के प्रमुखों के साथ भी वार्ता की। 
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धर्म को शांति का स्रोत होना चाहिए- इंडोनेशियाई मंत्री
इससे पहले, राजधानी दिल्ली में इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के कार्यक्रम में इंडोनेशियाई मंत्री मोहम्मद महफुद एमडी ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि धर्म को शांति का स्रोत होना चाहिए ना कि कलह और संघर्ष  या हिंसा का कारण। भारत और इंडोनेशिया में आपसी शांति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में उलेमा की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि कई बार हमने ऐसे लोगों को देखा है जो अपने धर्म को पूर्ण सत्य के सिद्धांत के रूप में उपयोग करते हैं और आसानी से दूसरों को दोष देते हैं। हमें इससे बाहर जाना होगा और सुधार करना होगा। 

वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस चर्चा में बोलते हुए भारत व इंडोनेशिया के बीच पारस्परिक शांति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में उलेमा की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, दोनों देश (भारत और इंडोनेशिया) आतंकवाद और अलगाववाद के शिकार रहे हैं। हालांकि, हमने चुनौतियों पर काफी हद तक काबू पा लिया है, लेकिन सीमापार आतंकवाद और आईएसआईएस प्रयोजित आतंकवाद आज भी एक खतरा बना हुआ है। 

तेजी से मजबूत हो रहे संबंध 
भारत और इंडोनिशिया के बीच संबंध पर उन्होंने कहा, दोनों देशों की बेहतरी के लिए हमारे आर्थिक और रक्षा संबंध भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। इस कारण भारत और इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में फल-फूल रहे लोकतंत्र हैं। उन्होंने कहा, दोनों देश अपने-अपने इतिहास, विविधता और साझा परंपराओं के साथ एशिया में शांति, क्षेत्रीय सहयोग और समृद्धि की संभावनाओं को बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। 

गौरतलब है कि एनएसए डोभाल ने इस साल मार्च में दूसरी भारत-इंडोनेशिया सुरक्षा वार्ता के लिए इंडोनेशिया का दौरा किया था। एनएसए ने तब मंत्री महफुद को भारत आने का न्योता दिया था। 

मालदीव को दी गई वित्तीय सहायता
वहीं, आज मालदीव को 100 मिलियन अमरीकी डालर की वित्तीय सहायता दी गई। विदेश मंत्री एस जयशंकर इस हैंडओवर कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने इसकी जानकारी ट्वीट करके दी है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि 'मालदीव सरकार को 100 मिलियन अमरीकी डालर की वित्तीय सहायता के हैंडओवर समारोह में मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद और मालदीव के वित्त मंत्री इब्राहिम अमीर शामिल हुए।'

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