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Ukraine Crisis: यूक्रेन के 4 हिस्सों का रूस में विलय, US-UK ने बढ़ाई सख्ती, NATO पर जेलेंस्की ने कही यह बात

Fri, 30 Sep 2022 11:08 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव

सार

व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के चार राज्यों का अपने देश में मिला लिया। इन शहरों के नाम डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन बताए जा रहे हैं।
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व्लादिमीर पुतिन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के कई हिस्सों को रूस में मिलाने की घोषणा की। इसके लिए क्रेमलिन में एक आयोजन किया गया। इस बीच पश्चिमी देश उन पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों को धता बताने का आरोप लगा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस उसका हिस्सा बने इन नए इलाकों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। इस बीच पुतिन ने यूक्रेन से बातचीत के लिए साथ बैठने का आग्रह भी किया। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि मॉस्को रूस में शामिल किए गए उसके हिस्सों को नहीं छोड़ेगा।

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जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम में व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के चार राज्यों का अपने देश में मिला लिया। इन शहरों के नाम डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन बताए जा रहे हैं। पुतिन ने क्रेमलिन में एक हस्ताक्षर करके इन इलाकों को अपने अधिग्रहित किया। पुतिन ने इन राज्यों में प्रमुखों की भी नियुक्ति कर दी है।

जेलेंस्की ने कही यह बात
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस की इस हरकत के बाद हम फास्ट ट्रैक नाटो (NATO) सदस्यता के लिए कोशिशें तेज करने जा रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में जेलेंस्की ने कहा कि हम पहले ही नाटो के मानकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन के रहते रूस के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी।
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पुतिन का वार: पश्चिम ने भारत को लूटा, किसी भी देश में सत्ता विरोधी क्रांति भड़काने को रहता है तैयार

बाइडन ने रूस को घेरा
यूक्रेन के क्षेत्रों रूस में मिलाने के पुतिन के फैसले को अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने फर्जी करार दिया। उन्होंने कहा कि हम यूक्रेन का समर्थन जारी रखेंगे। रूस हर जगह शांतिपूर्ण राष्ट्रों के लिए अवमानना दिखा रहा है। हम उसके इस फैसले को नहीं मानते। अमेरिका 1000 से ज्यादा रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का एलान करता है। वहीं, अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी कर अपने नागरिकों से कहा है कि वह तत्काल रूस छोड़ दें।

ब्रिटेन ने भी लगाए प्रतिबंध
ब्रिटेन सरकार ने शुक्रवार को रूस पर नई सेवाओं और माल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। सेवा प्रतिबंध रूसी अर्थव्यवस्था के कमजोर क्षेत्रों को लक्षित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिनमें आईटी परामर्श, वास्तुशिल्प सेवाएं, इंजीनियरिंग सेवाएं और कुछ व्यावसायिक गतिविधि के लिए लेनदेन संबंधी कानूनी सलाहकार सेवाएं शामिल हैं।

बंदूक की नोंक पर किया कब्जा: पश्चिम
रूसी राष्ट्रपति की घोषणा को अमेरिका समेत पश्चिमी नेताओं ने अवैध और कब्जे की मानसिकता बताया है। यूक्रेन के पश्चिमी समर्थकों ने रूस द्वारा कराए गए जनमत संग्रह को मंच-प्रबंधित बताया जो झूठ के आधार पर भूमि को हड़पने के लिए बंदूक की नोंक पर कराया गया। ब्रिटेन ने कहा कि लोगों को चारों क्षेत्र में जबरन मतदान के लिए मजबूर किया गया और इसके लिए सेना के अफसर खुद मतपेटियां लेकर घर-घर गए। अमेरिका ने कहा कि इस कदम को वैश्विक मान्यता नहीं मिलेगी। उधर ईयू ने रूस पर और अधिक प्रतिबंध लगाने की बात कही है।
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संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन: गुटेरस
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कहा कि रूस का चार प्रांतों का विलय संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है और इसका कोई कानूनी मूल्य नहीं है। उन्होंने इस कदम को खतरनाक बताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे शांति की संभावनाएं खतरे में पड़ेंगी। 

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