तमिलनाडु के रहने वाले 21 साल के सैनिकेशन रविचंद्रन ने जॉजियाई नेशनल लीजन जॉइन की है। इस लीजन (टुकड़ी) का काम यूक्रेन के लिए अर्द्धसैनिक बल के तौर पर रूस से युद्ध लड़ना है। रविचंद्रन खारकीव के राष्ट्रीय एयरोस्पेस विश्वविद्यालय में मास्टर्स की डिग्री लेने गया था।
यूक्रेनी दूतावासों में दुनिया भर से करीब 16,000 लोगों ने स्वयंसेवक के तौर पर लड़ने देने के लिए पत्र लिखे व आवेदन किए हैं, अब सामने आया है कि इनमें भारतीय नौ सेना के दो पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं तमिलनाडु मूल का एक अन्य भारतीय विद्यार्थी पहले ही यूक्रेन में रहते हुए रूस के खिलाफ लड़ने के लिए हथियार उठा चुका है।
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सूत्रों के अनुसार, भारत के दो पूर्व नौसिकों द्वारा यूक्रेन के डिफेंस अटैची को यह पत्र भेजे जा रहे हैं। एक पत्र में खुद को नौसेना में 23 साल का मेकैनिकल सिस्टम का अनुभव रखने वाला पूर्व सैनिक बताते हुए एक अधिकारी ने आवेदन किया। वह यूक्रेन की सेना से तत्काल जुड़ना चाहता है। एक अन्य पूर्व अधिकारी ने भी ऐसा ही पत्र लिखा। पत्र लिखने के बाद इन अधिकारियों ने यूक्रेनी अधिकारी से मुलाकात की, जहां उनके पासपोर्ट, अनुभव व अन्य चीजों के दस्तावेज और नाम-पते, फोन नंबर आदि दर्ज किए गए। उनका निवेदन स्वीकार करने पर यूक्रेनी सरकार ने औपचारिक सहमति अभी नहीं दी है।
तमिलनाडु के 21 साल के रविचंद्रन ने किया युद्ध जॉइन
तमिलनाडु के रहने वाले 21 साल के सैनिकेशन रविचंद्रन ने जॉजियाई नेशनल लीजन जॉइन की है। इस लीजन (टुकड़ी) का काम यूक्रेन के लिए अर्द्धसैनिक बल के तौर पर रूस से युद्ध लड़ना है। रविचंद्रन खारकीव के राष्ट्रीय एयरोस्पेस विश्वविद्यालय में मास्टर्स की डिग्री लेने गया था। वह मद्रास क्लब में औपचारिक पायलट रहा है। ‘यूक्रेन की प्रतिष्ठा के लिए... जयहिंद’ का संदेश उसने यूक्रेन के झंडे के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।