फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Drone Attack: यूरोप के सबसे बड़े परमाणु प्लांट पर हमला, रूस-यूक्रेन टकराव में नया मोड़; IAEA ने कहा- खतरा बढ़ा

Mon, 08 Apr 2024 04:28 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

अंतरराष्ट्रीय एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने इस हमले को बेहद घातक बताते हुए परमाणु केंद्र के समीप ड्रोन से हमले को खतरनाक कृत्य करार दिया।
विज्ञापन
जेपोरिझाझिया परमाणु संयंत्र - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी, 2022 को शुरू हुआ हिंसक संघर्ष दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने जेपोरिझाझिया (Zaporizhzhia) परमाणु प्लांट पर ड्रोन से हमला किया है। अंतरराष्ट्रीय एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने इस हमले को बेहद घातक बताते हुए परमाणु केंद्र के समीप ड्रोन से हमले को खतरनाक कृत्य करार दिया।

विज्ञापन


इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच तल्खी और बढ़ने की आशंका है। बता दें कि हाल ही में व्लादिमीर पुतिन एक बार फिर रूसी राष्ट्रपति चुने गए हैं। दूसरी तरफ राष्ट्रपति जेलेंस्की भी रूस के साथ हिंसक संघर्ष का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।


इस बीच, संयंत्र के रूसी प्रशासन ने कहा कि अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस हथियार के जरिए हमला किया गया था। हालांकि रूसी स्वामित्व वाली परमाणु एजेंसी रोसाटॉम ने कहा कि यह परमाणु संयंत्र पर एक ड्रोन हमला था, जिसे 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के तुरंत बाद रूसी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया था। संयंत्र के अधिकारियों के अनुसार, विकिरण का स्तर सामान्य था और हमले के बाद कोई महत्वपूर्ण क्षति नहीं हुई। IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने दोनों पक्षों को परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्यों से परहेज करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें