रूस ने मंगलवार को कहा कि वह कट्टरपंथ से निपटने की विशेषज्ञता को भारत के साथ साझा करने को तैयार है। नई दिल्ली में रूसी राजदूत एंनाटोली कार्गापोलोव ने कहा, ‘हमारी सरकार की नीति दर्शाती है कि हम कट्टरपंथ से निपट सकते हैं।
हम भारत जैसे अपने भागीदारों और दूसरे देशों के साथ भी इस विशेषज्ञता को साझा करने को तैयार हैं। खासकर युवाओं को कट्टरपंथी बनने से रोकने की विशेषज्ञता शामिल है।’ वह सीरिया जैसे देशों में इस्लामिक कट्टरपंथ को रोकने के रूस के रुख के सवाल का जवाब दे रहे थे। रूस में इस्लाम काफी हद तक धर्मनिरपेक्ष है। वहां धार्मिक दंगे कभी नहीं हुए, जबकि भारत में हिंदू-मुस्लिम दंगे अक्सर देखे जाते हैं।