बिजली की रफ्तार से चलने वाली रूस की एके-203 राइफल दिसंबर तक भारत में बननी शुरू हो जाएगी। रूस की सरकारी रक्षा इकाई रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के महानिदेशक अलेक्सांद्र मिखीव ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्टरी में इसे बनाया जाएगा।
मिखीव ने कहा, हमारी योजनाओं में भारत में प्रसिद्ध रूसी असॉल्ट राइफलों के उत्पादन का 100 प्रतिशत स्थानीयकरण शामिल है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भारत और रूस का यह संयुक्त उद्यम भविष्य में और भी उत्पादन कर सकता है। इसके अलावा यह कंपनी गुजरात के गांधीनगर में 18-22 अक्तूबर तक चलने वाले डेफएक्स्पो कार्यक्रम में भी भाग ले रही है।
सेना और अन्य एजेंसियों को उपलब्ध कराने पर चर्चा
रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के बयान के मुताबिक, डेफएक्स्पो कार्यक्रम में कंपनी असॉल्ट राइफल को अनुकूलित करने और सेना के जवानों को हथियारों से लैस करने के लिए डिजाइन किए गए अतिरिक्त आधुनिक उपकरणों की एक विस्तृत शृंखला पेश करेगी। साथ ही कंपनी सशस्त्र बलों और देश की अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एके-203 के उत्पादन और आपूर्ति पर चर्चा भी करेगी।
भारत, ब्रिटेन के रक्षा उद्योगों ने बनाया संयुक्त कार्य समूह
भारत और ब्रिटेन के रक्षा उद्योग संगठनों ने आपसी सहयोग को अधिक असरदार बनाने के लिए एक नया संयुक्त कार्य समूह बनाया है। ब्रिटिश उच्चायोग ने मंगलवार को कहा कि इस पहल को ब्रिटिश सरकार का भी समर्थन हासिल है। इस समूह का गठन दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सामरिक भागीदारी बढ़ाने के लिए किया गया है।