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अशोक खरात केस: कथित आरोप पर महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- सच्चाई की होगी जीत

Tue, 14 Apr 2026 08:34 PM IST
राकेश कुमार आईएएनएस, मुंबई

सार

एनसीपी नेत्री रूपाली चाकणकर ने अशोक खरात मामले में एक गुमनाम पत्र के आधार पर खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश बताया। उन्होंने सवाल किया कि गोपनीय पुलिस दस्तावेज मीडिया तक कैसे पहुंचे। चाकणकर ने कहा कि उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं है और सच जल्द ही सामने आएगा।
 
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रूपाली चाकणकर, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष - फोटो : mscw.org.in
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विस्तार
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महाराष्ट्र की राजनीति में 'लेडी दबंग' के नाम से पहचानी जाने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेत्री रूपाली चाकणकर ने खुद पर लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है। खुद को 'महाराज' बताने वाले स्वयंभू बाबा अशोक खरात के साथ कथित संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने ऐतराज जताया है। चाकणकर ने कहा कि मेरे और मेरे परिवार की छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। 
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क्या है पूरा विवाद?
पूरा विवाद एक अनाम पत्र  से शुरू हुआ, जिसकी जांच फिलहाल विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। इस पत्र में चाकणकर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष चाकणकर ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर जांच पूरी होने या आधिकारिक पुष्टि होने से पहले यह पत्र मीडिया तक कैसे पहुंच गया?

चाकणकर ने कहा कि बदनाम करने के अपने घटिया मकसद को पूरा करने के लिए पुलिस प्रशासन को मिली एक गुमनाम चिट्ठी को मीडिया के हवाले कर दिया गया। इसके बाद दिन भर टीवी पर बहस छिड़ गई। यह जानना बहुत जरूरी है कि किस ‘सौजन्य’ से यह जानकारी लीक की गई। उन चेहरों को बेनकाब किया जाना चाहिए।
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कानूनी आधार पर चाकणकर ने उठाए सवाल
रूपाली चाकणकर ने बीड़ के पुलिस अधीक्षक नवनीत कांवत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि खुद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना नाम-पते वाली किसी गुमनाम चिट्ठी की कानून की नजर में कोई अहमियत नहीं होती। उन्होंने मांग की है कि इस दस्तावेज को लिखने वाले और इसे वायरल करने वाले असली मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए एक औपचारिक जांच की जाए।

'28 दिनों से सिर्फ अफवाहें, सबूत एक भी नहीं'
चाकणकर ने आगे कहा कि महाराष्ट्र का राजनीतिक इतिहास गवाह है कि यहां आरोप हमेशा सबूतों के साथ लगते रहे हैं। लेकिन उनके मामले में पिछले 28 दिनों से लगातार खबरें चल रही हैं, फिर भी एक भी आरोप साबित नहीं हो सका है। उन्होंने अशोक खरात मामले में किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन, जमीन के सौदे या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल होने से साफ इनकार किया।

उन्होंने कहा कि मेरा और मेरे परिवार का इस मामले में किसी भी गलत काम से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। यह बहुत अफसोस की बात है कि आज के समय में केवल अफवाहों और काल्पनिक कहानियों के आधार पर किसी का मानसिक उत्पीड़न की एक नई परंपरा शुरू हो गई है।
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चुप्पी की वजह भी बताई
जब उनसे पूछा गया कि वह पिछले कुछ दिनों से मीडिया से दूर क्यों थीं, तो उन्होंने बताया कि उनकी चुप्पी जानबूझकर थी। वह चाहती थीं कि एसआईटी और अन्य एजेंसियां बिना किसी बाहरी दबाव या मीडिया ट्रायल के अपनी निष्पक्ष जांच पूरी करें। उन्होंने कहा कि सच्चाई की ही जीत होगी।

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