बशीरहाट में आपत्तिजनक पोस्ट के बाद भड़की हिंसा दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों तक हिंसा का असर दिख रहा है। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार का आरोप है कि दो समुदायों से जुड़े असामाजिक तत्व इस हिंसा को बढ़ा रहे हैं।
वहीं रूपा गांगली की अगुवाई में बशीरहाट जा रहे बीजेपी के राज्य स्तरीय डेलिगेशन को पुलिस ने माइकल नगर में हिरासत में ले लिया। पुलिस किसी भी पार्टी के नेताओं को बशीरघाट नहीं जाने दे रही। कांग्रेस डेलिगेशन को भी पुलिस ने बारासात जिले में रोक लिया है।
West Bengal: BJP MP Rupa Ganguly detained by Police while on her way to #Basirhat pic.twitter.com/3RGR0o4fGM— ANI (@ANI_news) 7 July 2017
द टेलिग्राफ का कहना है बशीरहाट में गुरुवार को हिंसा उस समय भड़की जब तृणमूल विधायक दिपेंदू बिसवास के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि दिपेंदू बिसवास ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया।
वहीं सूत्रों का कहना है कि भीड़ ने बिसवास के घर पर हमला किया है। जिसके बाद विधायक दिपेंदु को इलाके को छोड़ने का आदेश दिया है। दिपेंदु के हस्तक्षेप से पार्टी नाराज है।
गौरतलब है कि बार्सीलोना से लौटे पूर्व फुटबॉलर और विधायक दिपेंदु बिसवास पुलिस स्टेशन गए थे। जिसके बाद पुलिस ने धोपापारा, खापरा और गोदवोंपाड़ा में रेेड मारी थी। पुलिस ने इस छापेमारी में एक ही समुदाय के 15 लोगों को गिरफ्तार किया था।
सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों ने हिंसा भड़काने का काम किया था। जिसके बाद उनके समुदाय के लोग भड़क गए और पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
गौरतलब है कि 3 जुलाई को बशीरहाट में तब हिंसा भड़की थी जब एक नाबालिक लड़के ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी। जबकि पुलिस हिरासत में किशोर ने कहा कि उसने ऐसा कोई पोस्ट नहीं किया। बंगाल हिंसा में अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।