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Indian Air Force: वायुसेना के लिए बनेगा बिना रनवे उड़ने वाला रेस्क्यू ड्रोन, जवानों के लिए कैसे होगा मददगार?

Thu, 09 Apr 2026 06:08 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने वायुसेना के लिए अत्याधुनिक मानव रहित सीएसएआर ड्रोन विकसित करने की योजना बनाई है। यह बिना रनवे के उड़ सकेगा, फंसे जवानों को सुरक्षित निकालेगा और दुर्गम इलाकों व ऊंचाइयों पर सामान पहुंचा सकेगा। 16,000 फीट तक उड़ान और 400 किग्रा क्षमता के साथ यह पायलट वाले विमान की जगह जोखिम कम करेगा।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकार ने भारतीय वायुसेना के लिए एक अत्याधुनिक मानव रहित विमान (यूएवी) विकसित करने की योजना बनाई है, जो बिना रनवे के उड़ान भर सकेगा और युद्ध के दौरान फंसे जवानों को सुरक्षित निकालने में मदद करेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह लड़ाकू खोज और बचाव (सीएसएआर) ड्रोन पायलट वाले विमानों को जोखिम में डाले बिना एयर क्रू को बचाने में सक्षम होगा। साथ ही इसका इस्तेमाल दुर्गम इलाकों, बर्फीली ऊंचाइयों और अग्रिम मोर्चों पर जरूरी सामान पहुंचाने के लिए भी किया जा सकेगा।

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जहां हेलीकॉप्टर को कठिनाई होती है। यह परियोजना रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत सैद्धांतिक मंजूरी पा चुकी है और इसे मेक-1 श्रेणी में विकसित किया जाएगा। इसमें विकास लागत का 70 प्रतिशत सरकार और 30 प्रतिशत भारतीय कंपनियां वहन करेंगी। 

16,000 फीट ऊंचाई तक उड़ने में सक्षम
सफल विकास के बाद इसकी खरीद बाय (इंडियन-आईडीडीएम) श्रेणी में होगी, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग अनिवार्य होगा। तकनीकी रूप से यह ड्रोन समुद्र तल से 16,000 फीट (संभावित 20,000 फीट) तक उड़ सकेगा, 200 किमी की दूरी तय करेगा और कम से कम 45 मिनट तक एक जगह मंडरा सकेगा। इसमें चार लोगों या स्ट्रेचर सहित लगभग 400 किलोग्राम वजन ले जाने की क्षमता होगी।
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सेना प्रमुख ने प्रचंड की परखी मारक क्षमता, खुद भरी उड़ान
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को बंगलूरू स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएल) का दौरा कर स्वदेशी तकनीक से निर्मित प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (एलसीएच) में उड़ान भरकर इसकी मारक क्षमता परखी। विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया यह हेलिकॉप्टर सेना की ताकत में बड़ा इजाफा माना जा रहा है। इससे पूर्व सेना प्रमुख ने ओडिशा के गोपालपुर स्थित आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज में एकीकृत हवाई रक्षा मारक क्षमता अभ्यास का निरीक्षण किया।

इस अभ्यास में आधुनिक नेटवर्क परिवेश में विभिन्न वायु रक्षा प्रणालियों के तालमेल और हाइब्रिड हवाई खतरों से निपटने की तैयारियों को परखा गया। सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के जनसंपर्क विभाग की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वायु रक्षा प्रहरियों की प्रतिबद्धता की सराहना की।
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