ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने उनकी मांगें न मानने पर 15 से 17 जुलाई तक भूख हड़ताल व चक्का जाम करने की घोषणा की है। एसोसिएशन की घोषणा से रेल मंत्रालय सजग हो गया है।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोन व प्रॉडक्शन यूनिट के महाप्रबंधकों को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ट्रेनों के संचालन में बाधा न पहुंचने के लिए हरसंभव कदम उठाया जाए। साथ ही छुट्टी लेने से पहले रनिंग स्टाफ मुख्यालय से आदेश लिया जाए। मंत्रालय को लग रहा है कि बड़ी संख्या में रनिंग स्टाफ छुट्टी ले लेते है तो ट्रेनों का संचालन बाधित होगा।
मंत्रालय ने रेलवे एक्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि रेलवे के संचालन में बाधा पहुंचाना कानूनन अपराध है। बोर्ड ने महाप्रबंधकों को यह भी आदेश दिया है कि 15,16 और 17 जुलाई की शाम मंत्रालय को बताया जाए कि कौन-कौन इस हड़ताल में शामिल हुआ। जिस जोन व मंडल में प्रदर्शन किया जाए, उससे अवगत कराया जाए।
लोको संघ माइलेज दर को 1980 में बनी आरएसी कमेटी कीरिपोर्ट के अनुसार करने को लेकर कई साल से आंदोलन कर रहा है। इसके तहत लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट दोनों को अलग-अलग माइलेज अलाउंस दिया जाना है। इसके अलावा एसोसिएशन रेलवे के 100 दिनों के एजेंडे में शामिल निजीकरण का भी विरोध कर रही है।