कर्ज के बोझ तले दबी सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के बिकने की खबरों की चर्चा हर ओर है। इस बीच कंपनी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने कहा है कि एयर इंडिया के बंद होने की खबरें आधारहीन हैं।
उन्होंने कहा कि एयर इंडिया पहले की ही तरह उड़ान भरती रहेगी और भविष्य में विस्तार भी करेगी। लोहानी ने भरोसा जताया कि यात्रियों, कॉरपोरेट्स और एजेंटों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। राष्ट्रीय विमानन कंपनी अभी भी देश की सबसे बड़ी कंपनी है।
कुछ दिन पहले कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि अगर जल्द ही कोई खरीदार नहीं मिला तो एयर इंडिया जून 2020 तक बंद हो सकती है। ‘अव्यवस्थित’ तरीके से किसी कंपनी को लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता।
विमानन कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच अधिकारी ने कहा कि 12 छोटे (नैरो बॉडी) विमानों का परिचालन फिर से शुरू करने के लिए भी धनराशि की जरूरत है। विमानन कंपनी पर इस समय 60 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार अभी तक इसको बेचने की प्रक्रिया पर काम कर रही है।
60 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज
करीब 60 हजार करोड़ के कर्ज में दबी एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में 8,400 करोड़ रुपये का जबरदस्त घाटा हुआ है। एयर इंडिया को ज्यादा ऑपरेटिंग कॉस्ट और विदेशी मुद्रा में घाटे के चलते भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।