महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामा मचा। विपक्षी भाजपा और सत्ताधारी शिवसेना की भिड़ंत हो गई और दोनों दलों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। हंगामा इतना बड़ा कि स्पीकर को आधे घंटे के लिए सदन स्थगित करना पड़ा।
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भाजपा विधायक हाथों में पोस्टर लिए नजर आए। इसमें सामना में छापी गई उस खबर का हवाला दिया गया जिसमें बारिश से नुकसान झेलने वाले किसानों को 25 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की बात कही गई थी।
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायक वेल तक पहुंच गए और जोर जोर से नारे लगाने लगे और शिवसेना की पुरानी मांग को लागू करने की मांग करने लगे। स्पीकर नाना पटोले ने भाजपा विधायकों को अपनी सीट पर जाने को कहा।
इस बीच कुछ शिवसेना विधायक भी वेल तक पहुंच गए और भाजपा सदस्यों से पोस्टर छीनने की कोशिश करते दिखे। इससे सदन में भारी हंगामा मच गया और सदन को स्थगित करना पड़ा।
राम मंदिर का श्रेय किसी एक दल को नहीं, बल्कि सबको जाता है : शिवसेना
शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार को दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर की नींव उनकी पार्टी ने रखी थी, ऐसे में मंदिर निर्माण का श्रेय किसी एक दल को नहीं जाता है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा था कि दुनियाभर में बसे भारतीयों की इच्छा के अनुरूप अयोध्या में चार महीने के भीतर भव्य राम मंदिर बनेगा। शाह के इस बयान पर राउत ने महाराष्ट्र विधान भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि अमित शाह ने यह सही कहा है कि आसमान छूता राम मंदिर बनेगा। लेकिन मंदिर की नींव रखने का काम शिवसेना ने किया था।
यह पूछने पर कि क्या इसका मतलब है कि राम मंदिर के लिए श्रेय भाजपा को जाता है, राउत ने कहा, ‘नहीं, इसका श्रेय लाखों, करोड़ों कार सेवकों को जाता है जिसमें विहिप, साधु, संत, भाजपा कार्यकर्ता शामिल हैं। श्रेय किसी एक दल को नहीं बल्कि सबको जाता है।’
अब जीना महंगा और मरना सस्ता हो गया है
शिवसेना ने मुखपत्र 'सामना' में संपादकीय के जरिए केंद्र सरकार पर तीखी टिप्पणी की है। पार्टी दवाइयों के दाम में 50 फीसद तक की वृद्धि के फैसले पर कहा है कि इस कदम से आम इंसान का जीना महंगा और मरना सस्ता हो गया है। दरअसल, कुछ दिनों पहले दवाइयों की कीमत 50 फीसद तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। इसमें कई जीवनरक्षक दवाएं भी शामिल हैं। शिवसेना ने इसको लेकर सरकार पर हमला बोला है।
'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में लिखा गया है, 'देश में पहले से ही अनाज, सब्जियों, दूध, फल आदि के दाम बढ़े हुए हैं। ऐसे में अब 509 दवाइयों की कीमतें बढ़ा दी गईं। इनमें छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों के काम आने वाली दवाइयां भी शामिल हैं।