एमएलएसी हरिप्रसाद शुक्रवार को एडिगा, बिलवा, नामधारी और दिवारा समुदाय की बैठक में शामिल हुए थे। उन्होंने बैठक में कहा था कि समुदाय को जागरुक नहीं होना चाहिए। मैं मंत्री बनूं या नहीं, यह एक अलग सवाल है। मैंने देश के पांच नेताओं को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद के कड़े बयानों के कारण सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर बेचैनी पैदा हो गई है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस एमएलसी प्रसाद मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से नाराज हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रसाद के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जानिए क्या बोले थे एमएलसी
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एमएलएसी हरिप्रसाद शुक्रवार को एडिगा, बिलवा, नामधारी और दिवारा समुदाय की बैठक में शामिल हुए थे। उन्होंने बैठक में कहा था कि समुदाय को जागरुक नहीं होना चाहिए। मैं मंत्री बनूं या नहीं, यह एक अलग सवाल है।मैंने पुडुचेरी, गोवा, झारखंड, हरियाणा और पंजाब में सीएम बनाने के लिए अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा उन्होंने भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाने का भी श्रेय लिया। प्रसाद ने आगे कहा कि इसलिए मुझे पता है कि किसी को मुख्यमंत्री कैसे बनाना है या किसी को पद से कैसे हटाना है। मैं झुकूंगा कभी नहीं। मैं भीख नहीं मांगूंगा। बंगलुरू में 49 साल तक राजनीति करना कोई बच्चे का खेल नहीं है।
मुस्लिमों-ईसाईयों को बताई वजह
बता दें, सीएम सिद्धारमैया और हरिप्रसाद दोनों ओबीसी नेता हैं, जिसमें सिद्धारमैया कुरुबा समुदाय से तो वहीं हरिप्रसाद एडिगा समुदाय से आते हैं। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एडिगा, बिलावा, नामधारी और दिवारा समुदाय राजनीतिक रूप से आगे क्यों नहीं आ पा रहे, यह सोचने का विषय है। मुझे लगता है कि हम किसी की साजिश का शिकार बन गए हैं। सिद्धारमैया और मैं पिछड़े वर्ग से आते हैं। हमें एकजुट होना चाहिए। इसी वजह से मैंने उनका 2013 में भी समर्थन किया था। मैं उन लोगों में से नहीं हूं कि समर्थन करने के बाद हाथ फैलाकर उनके सामने खड़ा हो जाऊं। हरिप्रसाद ने बताया कि हम राजनीतिक अवसरों को खो रहे हैं क्योंकि हमारी जातियों के प्रभुत्व वाली सीटों पर मुस्लिम या ईसाई समुदाय को टिकट दिया जा रहा है।
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आलाकमान लेगा फैसला
प्रसाद के बयानों पर गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि मैं नहीं जानता कि वह किस संदर्भ में बात कर रहे थे। कभी-कभी व्यक्ति अपनी निजी राय भी रखते हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री डी सुधाकर का कहना है कि हरिप्रसाद पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। पार्टी में किसी भी प्रकार का असंतोष नहीं है। शायद वह उनकी निजी राय हो। मामले में आलाकमान विचार करेगा।