कश्मीर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा में मंगलवार को कार्यवाही तीन बजे तक तीन बार स्थगित हुई। बाद में कांग्रेस के नेतृत्व में अधिकतर विपक्ष सदन से वॉकआउट कर गया। हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने यह बयान दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मध्यस्थता का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी दो हफ्ते पहले उनके साथ थे और उन्होंने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी और उन्हें इसमें मध्यस्थता करने पर खुशी होगी।
राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं चल पाए। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और माकपा के सदस्य आसन के समक्ष आए जबकि अन्य विपक्षी दलों के सदस्य अपने स्थानों से ट्र्रंप के दावे पर प्रधानमंत्री मोदी के सदन में आकर स्पष्टीकरण देने की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। उच्च सदन की बैठक 11 बजे शुरू होने पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और वाम सहित विपक्षी सदस्यों ने कश्मीर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का मुद्दा उठाया।
शून्यकाल में हंगामे के बीच इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम सदन को पूरी तरह आश्वस्त करना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया गया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत सीमा पार से जारी आतंकवाद बंद होने के बाद, लाहौर घोषणापत्र और शिमला समझौते के अंतर्गत ही होगी। उन्होंने कहा कि हम अपना रुख फिर से दोहराते हैं कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से ही किया जाएगा।