केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के राज्यपाल के तौर पर किरन बेदी ने एक साल पूरे कर लिए हैं। पर उनके लिए ये एक साल बेहद मुश्किल साबित हुए हैं। दरअसल, एक साल तक उन्होंने पुडुचेरी की जनता से सीधे स्थापित कर तमाम बेहतर काम किए और अपने उपराज्यपाल के तौर पर एक साल पूरे होने पर उन्होंने रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। पर अब उपराज्यपाल के तौर पर उनकी अतिसक्रियता उन्हें भारी पड़ने वाली है। पुडुचेरी की निर्वाचित सरकार हर हाल में उनकी विदाई चाहती है। पुडुचेरी सरकार का आरोप है कि किरन बेदी राज्य में सामानांतर सत्ता चला रही हैं।
केंद्रशासित पुडुचेरी राज्य के मुख्यमंत्री नारायणसामी की अगुवाई में किरन बेदी के खिलाफ सत्तापक्ष विधानसभा में रिजोल्युशन लाने की तैयारी पर है। सीएम नारायणसामी ने किरण बेदी पर आरोप लगाया है कि वो अपने अधिकारों से बाहर जा कर काम कर रही हैं। इतना ही नहीं किरण पर पुलिसवालों के साथ गलत व्यवहार करने का भी आरोप लगा है। नारायणसामी का कहना है कि किरण पुलिस के साथ भी गलत व्यवहार कर रही है। साथ ही उनके काम में भी बाधा डालती हैं। नारायणसामी ने कहा कि अब किरण की हरकतें बर्दाशत नहीं की जाएगी। अब हमारी सरकार उनके खिलाफ कदम उठाते हुए रिजोल्यूशन लाकर उपराज्यपाल बदलने पर कदम उठाएगी।
पुडुचेरी के इन आरोपों पर किरन बेदी ने पलटवार करते हुए सवालिया लहजे में पूछा था कि नारायणसामी क्या सिर्फ रबर स्टैंप के तौर ही उपराज्यपाल को स्वीकार करते हैं, या फिर उपराज्यपाल को जनता का ख्याल रखने वाला और बेहतर प्रशासक होना चाहिए? बहरहाल, किरन बेदी के पलटवार के बाद अब दोनों ही पक्ष आर-पार के मूड में आ गए हैं।
गौरतलब है कि पुडुचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है। पिछले साल मई में किरण बैदी ने 23वें उपराज्यपाल के तौर पर काम संभाला था।