रेल यात्रियों से जबरन वसूली करने वाले ट्रांसजेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक आरटीआई के जवाब में नया खुलासा हुआ है। रेल मंत्रालय ने आरटीआई के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया है कि पिछले चार साल में जबरन वसूली को लेकर 73 हजार से ज्यादा ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए हैं। औसत देखा जाए तो ऐसी घटनाओं में करीब 50 ट्रांसजेंडर रोज गिरफ्तार किए जाते हैं। बता दें कि पिछले साल ही 20 हजार से ज्यादा ट्रांसजेंडर हिरासत में लिए गए थे।
आरटीआई के जवाब में रेल मंत्रालय ने जानकारी दी कि साल 2015 में 13,546, साल 2016 में 19,800, साल 2017 में 18,526 और 2018 में 20,566 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए। मंत्रालय ने बताया कि इस साल जनवरी में 1,399 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए।
रेल अधिकारी बताते हैं कि अक्सर रेल यात्री चलती ट्रेन में ट्रांसजेंडर्स द्वारा परेशान किए जाने और जबरन पैसे वसूली की शिकायत करते हैं। पैसे देने से मना करने पर ट्रांसजेंडर्स द्वारा शारीरिक उत्पीड़न का मामला भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ऐसी घटनाओं की जांच और उन्हें रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का मामला राज्य के अंतर्गत आने के चलते, चलती रेलगाड़ियों के साथ-साथ रेलवे परिसर में अपराध की रोकथाम, मामलों को दर्ज करना, उनकी जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकारों की वैधानिक जिम्मेदारी हैं, जिनका वे राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के माध्यम से पूरा करते हैं। भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जो लगभग 65,000 किलोमीटर को कवर करता है, जिसके अंतर्गत 8,000 से अधिक स्टेशन आते हैं और हर दिन करीब 19,000 रेलगाड़ियां चलती हैं।