अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले एक अगस्त को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के साथ राम जन्मभूमि आंदोलन पर किताब जारी करेंगे। अरुण आनंद व विनय नलवा द्वारा लिखित इस पुस्तक में आंदोलन के पूरे इतिहास का वर्णन होगा।
अरुण आनंद संघ की संचार शाखा आईवीएसके के सीईओ हैं और विनय नलवा दिल्ली स्थित थिंक टैंक विचार विनिमय केंद्र के वरिष्ठ सदस्य हैं। आनंद मानते हैं कि यह पुस्तक अपने तरह की पहली है जिसमें भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर अब तक की अयोध्या का समग्र इतिहास है। इसमें राम मंदिर निर्माण के लिए करीब 500 साल चले लंबे संघर्ष का वर्णन किया गया है।
इसमें भूमि के साक्ष्य, 1528 के बाद से आए विदेशी विचारकों के लेखों का भी जिक्र है जो इस बात को साबित करता है कि बाबर ने ही राम मंदिर को गिराकर वहां मस्जिद बनाई थी। इस किताब को प्रभात प्रकाशन ने छापा है।