मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा पाकिस्तानी उच्चायुक्त से इफ्तार का बुलावा वापस लेने के बाद संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान अपने देश से उठ रही आजादी की आवाज की चिंता करे और कश्मीर में हस्तक्षेप करना बंद करे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि एक दिन ऐसा आएगा जब पाकिस्तान को सदबुद्धि आएगी और वह घृणा फैलाना, दुश्मनी और हिंसा को छोड़कर शांति और भाईचारे को गले लगाएगा।
इसके अलावा संघ ने तीन तलाक के मामले उसे अपने गिरेबां में झांकने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में खुद अलगाववाद की जंग छिड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पख्तून, गिलगित, में मुस्लिम समाज को विचार करने की नसीहत दी है। जम्मू—कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के मामले में संघ ने पाकिस्तान को खरी—खरी सुनाई और बलूचिस्तान, सिंध, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद आदि ऐसे कई इलाकों में पाकिस्तान से अलग होने की मांग चल रही है।
कुमार ने कहा कि पाकिस्तान को इफ्तार के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान को यह विचार करना चाहिए कि उसे कैसा पड़ोसी चाहिए। उसे अच्छा पड़ोसी बनना है या बुरा यह उसके ऊपर निर्भर है। तीन तलाक पर संघ प्रचारक ने मुस्लिम समाज को विचार करने की नसीहत देते हुए कहा कि शरीयत में भी तीन तलाक का जिक्र नहीं किया गया है।
मुस्लिम समाज से उन्होंने आग्रह किया है कि वे ऐसा आचरण करें कि तलाक की नौबत ही न आए। इफ्तार में सीरिया, ईरान समेत कई देशों के राजनयिकों के अलावा केंद्र सरकार के मंत्री मुख्त्तार अब्बास नकवी, निहाल चंद, भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, एम जे अकबर और जामिया व एएमयू के वाइस चांसलर भी मौजूद थे।