सुभाष वेलिंगकर ने सत्तारूढ़ दल को विश्वासघाती बताया था
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गोवा में सत्तारूढ़ भाजपा विरोधी अभियान चला रहे सुभाष वेलिंगकर को प्रदेश संघ प्रमुख पद से हटा दिया है। सुभाष और उसके समर्थकों ने हाल ही में पार्टी प्रमुख अमित शाह को भी काले झंडे दिखाए थे।
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने बुधवार को कहा, ‘वेलिंगकर को उनके सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। वह कुछ राजनीतिक गतिविधियों में दखल देना चाहते थे। लेकिन संघ नेता होने के नाते वह ऐसा नहीं कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि इस तटीय राज्य में अगले साल ही चुनाव होने वाला है इसलिए नए संघ प्रमुख पर अभी फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, वेलिंगकर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए एक नई राजनीतिक पार्टी खड़ी करने का मन बना रहे हैं। यह संघ की विचारधारा के विरुद्ध है जिसे भाजपा का सैद्धांतिक मागदर्शक माना जाता है।
आरोप है कि वेलिंगकर ने इसी हफ्ते यह भी कहा था कि अगले साल गोवा विधानसभा चुनाव भाजपा नहीं जीत सकती क्योंकि इसने यहां के लोगों के साथ विश्वासघात किया है। उनका कहना था कि भाजपा ने गोवा के स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं को दिशा-निर्देशों का माध्यम बनाने का वादा किया था जिसे पूरा नहीं किया गया। वेलिंगकर भारतीय भाषा सुरक्षा मंच के अध्यक्ष भी हैं और यह फोरम अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को अनुदान दिए जाने के खिलाफ है। इसी फोरम के बैनर तले 20 अगस्त को कुछ लोगों ने अमित शाह को काले झंडे दिखाए थे।