केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत
केंद्र सरकार इस साल के अंत तक अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) के लिए क्रीमी लेयर के मानदंडों की समीक्षा करेगी। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
अभी तक सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में सालाना छह लाख की आय वाले ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। छह लाख से अधिक आय वालों को क्रीमी लेयर माना जाता है और वे आरक्षण के लिए योग्य नहीं होते। गहलोत ने कहा कि हर तीन साल पर क्रीमी लेयर के परिभाषा की समीक्षा करने का प्रावधान है। ओबीसी आरक्षण की पिछली बार समीक्षा 2013 में की गई थी।
ऐसा माना जा रहा है कि सरकार आरक्षण के लिए ओबीसी के सालाना आय की अधिकतम सीमा आठ लाख करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।