बॉलीवुड में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए संघ अब फिल्म फेस्टिवल का भी आयोजन करेगा। हालांकि संघ के इस फिल्म फेस्टिवल में तड़क-भड़क वाली मुंबइया फिल्मों को नहीं बल्कि संस्कार और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाली फिल्मों को ज्यादा तवज्जो दी जाएगी।
फिल्म फेस्टिवल के आयोजन के लिए संघ ने भारतीय चित्र साधना नाम से एक विशेष संगठन बनाया है। इस संगठन का कार्य देश के अलग-अलग हिस्सों में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन कर बॉलीवुड में पैठ बनाना रहेगा।
नंद कुमार को दी गई है जिम्मेदारी
संघ ने फिल्म फेस्टिवलों के आयोजन के लिए बनाए अपने संगठन की जिम्मेदारी अपने तेज तर्रार प्रचारक एवं प्रज्ञा प्रवाह के प्रमुख जे नंद कुमार को सौंपी है। उनके साथ दिल्ली प्रांत के सह प्रांत संघ चालक आलोक कुमार को बतौर सह संयोजक के रूप में जोड़ा है। इसके अलावा जिन शहरों या प्रांतों में फेस्टिवल का आयोजन होगा, वहां राज्य एवं स्थानीय समिति बनाई जाएगी।
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अगला आयोजन दिल्ली में
संघ अपने फिल्म फेस्टिवल का अगला आयोजन दिल्ली में करेगा। इंदौर में हुए आयोजन को उतनी सफलता न मिलने की वजह से संघ की संस्था भारतीय चित्र साधना ने अगले फिल्म फेस्टिवल का आयोजन दिल्ली में करने का निर्णय लिया है। इसके लिए दिल्ली में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। इस समिति में बंगाली एक्टर सुदीप्तो सेन, ऑर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर की पत्नी आयुषी केतकर, अरुण कुमार और आदित्य झा को रखा गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में रहे झा अभी दिल्ली भाजपा में राजनीति कर रहे हैं तो अरुण कुमार पर दिल्ली में संघ के सह प्रचार प्रमुख का दायित्व है। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली के अलावा संघ मुंबई, कोलकाता, जयपुर और दक्षिण के शहरों में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन करेगा।