राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाई अगले महीने हरियाणा के समालखा कस्बे में होने वाली तीन दिवसीय वार्षिक बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा करेगी। यह इकाई सालभर के लिए अपनी कार्ययोजना तैयार करेगी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले 13 मार्च से शुरू होने वाली बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
13-15 तक होगी संघ की बैठक
आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा, आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधित सभा इस वर्ष 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालभा में आयोजित होगी। यह वार्षिक बैठक ग्राम विकास और सेवा साधना केंद्र, पट्टी कल्याण, समालखा में होगी। उन्होंने कहा कि संगठन के दृष्टिकोण से यह इसकी सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली इकाई है।
बैठक में किन विषयों पर विचार होगा?
आंबेकर ने बताया कि बैठक में मौजूदा राष्ट्रीय परिस्थिति पर विचार किया जाएगा और अहम विषयों पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन पहल और संघ की शाखाओं के माध्यम से किए जा रहे सामाजिक बदलाव के प्रयासों पर चर्चा होने की संभावना है। संघ शिक्षा वर्ग, कार्यकर्ता विकास वर्ग और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजनाओं पर भी विचार किया जाएगा और आने वाले वर्ष के लिए संघ की कार्ययोजना तय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों और अभियानों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इनमें विजयदशमी उत्सव, गृहसंपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रबुद्ध नागरिकों की बैठकें और सामाजिक समरसता कार्यक्रम। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि इन कार्यक्रमों के अपने अनुभव और परिणाम भी साझा करेंगे।
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कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल होंगे?
आंबेकर ने कहा कि सभा में वर्ष 2025-26 के दौरान संघ की गतिविधियों की समीक्षा भी की जाएगी और विभिन्न प्रांतों में किए गए अहम कार्यों की रिपोर्ट पेश की जाएगी। उन्होंने एक बयान में कहा, इस बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी तथा राष्ट्रीय कार्यकारी मंडल के सदस्य शामिल होंगे।
वार्षिक बैठक में कुल 1,489 आरएसएस कार्यकर्ताओं के भाग लेने की उम्मीद है, जिनमें प्रांत और क्षेत्रीय इकाइयों के चुने हुए प्रतिनिधि और प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं।