विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि आज केंद्र और उत्तर प्रदेश में आरएसएस-भाजपा की सरकार है। इसके बाद भी वह अयोध्या में राममंदिर के निर्माण के लिए कानून लेकर नहीं आ रही है। इसके उलट आरएसएस नेता भैया जी जोशी ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो राममंदिर निर्माण के लिए वे साल 1992 के जैसा आंदोलन करेंगे। तोगड़िया ने कहा कि आज जब उन्हीं की सरकार है तो वे आंदोलन किसके खिलाफ करेंगे और इसकी क्या आवश्यकता है। आरएसएस केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण करने के लिए आदेश क्यों नहीं देता।
जोशी के बयान के बाद एक वक्तव्य जारी करते हुए प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि भाजपा सरकार सरदार पटेल की मूर्ति बनाकर और अयोध्या में तीन लाख दिये जलाकर हिंदुओं को भ्रम में रखना चाहती है। लेकिन उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि हिंदू आरएसएस और भाजपा से ज्यादा समझदार हैं। अब वह इन लॉलीपॉप के चक्कर में नहीं पड़ेगा। तोगड़िया ने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता में आने के साढ़े चार साल में सरकार नहीं बनाई। अब जब चुनाव का समय आ गया है तब उन्हें राम की याद आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के सत्ता में आने के बाद सबसे पहला निर्णय राममंदिर के लिए कानून बनाने का होना चाहिए था। लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।
इसके पूर्व आरएसएस नेता भैया जी जोशी ने संघ की बैठक के बाद कहा कि उन्हें और हिंदू समाज को कोर्ट से राममंदिर के बारे में दिवाली तक अच्छा फैसला आने की उम्मीद थी। लेकिन कोर्ट के द्वारा सुनवाई टालने से हिंदू समाज में निराशा पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को राममंदिर निर्माण के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। अगर किसी तरीके से बात न बने तो उसे कानून बनाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह कहकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो राममंदिर निर्माण के लिए साल 1992 की तरह दोबारा आंदोलन करेंगे।