संघ दलित और मध्य वर्ग की बदल रही धारणा से भी चिंतित है। संघ में वर्ष 2015 में पहली बार सह सरकार्यवाह पद पर पहुंचे दलित बिरादरी के भागय्या ने हिंदुओं में समरसता बनाने के लिए एक कुआं, एक मंदिर, एक श्मशान अभियान शुरू किया था।
तब संघ ने भाजपा शासित राज्यों में इसे जोरशोर से चलाने की सलाह दी थी। मगर राज्य सरकारों और भाजपा के राज्य संगठनों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके उलट पार्टी शासित राज्यों में दलित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ गई हैं। यही कारण है कि संघ ने सरकार और भाजपा को इस अभियान की याद दिलाई और मध्य वर्ग के लिए छह महीने के अंदर रोजगार, लघु उद्योग क्षेत्र में ठोस पहल करने की सलाह दी है।
ये लोग हुए शामिल
बैठक में संघ से सरकार्यवाह भैयाजी जोशी, सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य और सभी अनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पहले दिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संघ के नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सुरेश प्रभु, पीयूष गोयल, थावरचंद गहलोत, संतोष गंगवार, गिरिराज सिंह, राज्यवर्धन राठौड़ और शिवप्रताप शुक्ल ने अलग-अलग समय में बैठक में हिस्सा लिया।