फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नागपुर : भागवत बोले- सरकार पर जनता का दबाव पड़ेगा तभी बनेगा मंदिर

Sun, 25 Nov 2018 03:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
विज्ञापन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
विज्ञापन

अयोध्या में शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की धर्मसभा के चलते माहौल गर्म है। इस बीच, नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। विहिप की हुंकार रैली में उन्होंने कहा कि आज लड़ाई नहीं है लेकिन अड़ना तो है। जनता का दबाव पड़ेगा तो सरकार को मंदिर बनाना ही होगा। देश में मंदिर निर्माण शुरू होने तक जन जागरण चलता रहना चाहिए।

विज्ञापन


भागवत ने कहा कि कभी-कभी सवाल आता है कि मंदिर की मांग क्यों कर रहे हैं? उनसे सवाल है कि अगर यह मांग नहीं करें तो कौन सी करें। भारत स्वतंत्र देश है। इसीलिए संत और भक्त मंदिर निर्माण की मांग कर रहे हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया ने अपनी किताब ‘राम कृष्ण और शिव’ में कहा है कि भारतीय समाज के प्राचीन समय में बुने गए वस्त्र के उत्तर-दक्षिण धागे को श्री राम ने पिरोया, पूर्व-पश्चिम धागे को श्री कृष्ण ने पिरोया और भगवान शिव तो पूरे समाज के मन में छाए हैं।

संघ प्रमुख ने कहा कि अयोध्या में राम की जन्मभूमि है, जो एक ही होती है, दूसरी नहीं होती है। जब तक हम स्वतंत्र नहीं थे, तब तक हम चुप थे। अपने मालिक बनने के बाद पहला काम सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किया। उन्होंने साफ कहा कि संत जो तय करेंगे, संघ उनके साथ है।
विज्ञापन


बाबर को मुसलमानों से जोड़ना गलत
भागवत ने कहा कि अयोध्या का मंदिर बाबर के सेनापति ने ढहाया। कुछ लोगों का बाबर को मुसलमानों से जोड़ना गलत है। बाबर ने भारत पर चढ़ाई की और सैतपुर में कत्लेआम किया। तब सैतपुर में गुरु नानकदेव मौजूद थे। गुरुवाणी में उन्होंने लिखा है कि पाप की बारात लेकर बाबर आया और उसने कत्लेआम मचाया। राम को भगवान मानने वाले उनकी पूजा करते हैं। उन्हें भगवान नहीं मानने वाले भी उन्हें देश की मर्यादा का प्रतीक मानते हैं। इसीलिए मोहम्मद इकबाल ने राम को इमाम-ए-हिंद कहा। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें