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ममता बनर्जी सरकार के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है भागवत का दौरा

Mon, 10 Dec 2018 05:09 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, कोलकाता। 
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संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : PTI
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भाजपा की प्रस्तावित रथयात्रा के मुद्दे पर जारी गतिरोध अभी सुलझा भी नहीं है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत का तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरा ममता बनर्जी सरकार के लिए नया सिरदर्द साबित हो सकता है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत 11 दिसंबर से राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर आएंगे। संघ के सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि भागवत 10 दिसंबर को गुवाहाटी से सिलीगुड़ी पहुंचेंगे। वे वहां अगले दिन विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद 12 दिसंबर को कोलकाता आएंगे।

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संघ के एक नेता ने बताया कि सिलीगुड़ी में 11 दिसंबर को भागवत नगर एकत्रीकरण कार्यक्त्रस्म में हिस्सा लेंगे। सुबह साढ़े सात बजे होने वाले उक्त आयोजन में इलाके के तमाम कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। वहां कसरत व प्रार्थना आयोजित की जाएगी। उसके बाद भागवत संघ के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

ध्यान रहे कि हाल के दिनों में उत्तर बंगाल में संघ की गतिविधियां तेज हुई हैं। संगठन ने इलाके में सैकड़ों युवाओं और बुद्धिजीवियों को भी अपने साथ जोड़ा है। खासकर असम से लगे अलीपुरदुआर के आदिवासी इलाकों में संघ के नेटवर्क की वजह से ही भाजपा को अपने पांव मजबूती से जमाने में सहायता मिली है। इसके अलावा दक्षिण बंगाल के झारखंड से लगे इलाकों में भी हाल में संघ की सक्त्रिस्यता काफी बढ़ी है। संघ नेतृत्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित तुष्टिकरण नीति के मुकाबले के लिए सीमावर्ती इलाके के हिंबदुओं को एकजुट करने का प्रयास कर रहा है।
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मोहन भागवत के दौरे के बाद अगले महीने संघ के महासचिव सुरेश भैय्याजी जोशी भी एक बैठक में हिस्सा लेने राज्य के दौरे पर आएंगे। संघ के एक नेता ने बताया कि संगठन के लिए बंगाल का खास महत्व है। संघ के संस्थापक डा. केशव बलिराम हेडगेवार जब उ च्च शिक्षा के लिए कोलकाता आए थे तो उनको बंगाल और एक बंगाली युवक से ही सामाजिक हित में काम करने की प्रेरणा मिली थी।

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