कोरोना की दूसरी लहर में चौतरफा आलोचनाओं के सियासी चक्रव्यूह से बाहर आने के लिए संघ, भाजपा और सरकार एकजुट होकर सकारात्मकता को हथियार बनाएंगे।
सरकार महामारी के दौरान सकारात्मक तथ्यों को सामने लाएगी और विपक्ष शासित राज्यों की नाकामियों पर चोट करेगी। इस ऑनलाइन अभियान में जल्द ही बड़े पैमाने पर ‘सकारात्मकता असीमित अभियान’ चलाएगी, जिसमें देश की नामचीन हस्तियों का व्याख्यान होगा।
सरकार के रणनीतिकारों की टीम में शामिल एक वरिष्ठ मंत्री के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में सकारात्मक पक्ष दब गए हैं। विपक्ष और वैश्विक ताकतें केवल नकारात्मक तथ्यों के आधार पर सरकार को धराशाई करने की योजना बना रही हैं।
इसकी काट के लिए हमने सकारात्मक अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत बीते एक साल के दौरान सरकार द्वारा किए गए प्रयास और उसकी उपलब्धियों के साथ ही विपक्ष शासित राज्यों की लापरवाहियों को उजागर किया जाएगा।
रणनीतिकारों का कहना है कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या के बावजूद 85 फीसदी लोग अस्पताल गए बिना ठीक हो रहे हैं। पांच फीसदी मामलों में ही अस्पताल और आपातकालीन सेवा की जरूरत पड़ी है। मृत्यु दर और रिकवरी रेट दोनों अन्य देशों की तुलना में बेहतर हैं। इन तथ्यों को सामने लाना जरूरी है।
पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इसकी शुरुआत कर चुके हैं। मन की बात में प्रधानमंत्री भी कई अहम सवालों का जवाब देंगे।