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रिपोर्ट : स्वास्थ्य सुविधाओं में पुणे अव्वल तो दिल्ली-एनसीआर निचले पायदान पर

Thu, 13 May 2021 01:54 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

  • हाउसिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट में तथ्य आए सामने
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोना के कोहराम के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से देश के आठ बड़े शहरों में पुणे बेहतरीन है और दिल्ली-एनसीआर बदतर। यहां अस्पतालों में बेड, हवा की गुणवत्ता, सफाई को लेकर हाउसिंग डॉट कॉम की ओर से जुटाए गए आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। यह एक रियल स्टेट पोर्टल है, जो अमेरिका स्थित न्यूज कॉर्प और ऑस्ट्रेलियाई ग्रुप आरईए संचालित करती है।

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बुधवार को ‘स्टेट ऑफ हेल्थ केयर इन इंडिया’ के नाम से यह रिपोर्ट जारी गई है। इस रिपोर्ट में देश के आठ बड़े शहरों को शामिल किया गया है। अहमदाबाद, बंगलूरू, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) और पुणे।  

आठ पैमाने पर की गई रैंकिंग
प्रति हजार लोगों पर अस्पताल में बेड की उपलब्धता, हवा की गुणवत्ता, जल की गुणवत्ता, स्वच्छता, रहने में आसानी। इनमें अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता पर अधिक जोर दिया गया है।
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हाउसिंग डॉट कॉम के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में पुणे देश का बेहतरीन शहर है। यहां प्रति एक हजार लोगों पर 3.2 अस्पताल बेड उपलब्ध है। यह राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है। भारत में प्रति एक हजार व्यक्ति पर 0.86 डॉक्टर मौजूद हैं, जबकि अन्य बड़ी अर्थ व्यवस्थाओं में यह आंकड़ा 2-4 डॉक्टरों का है।

हाउसिंग डॉट कॉम के सीओओ मणि रंगराजन के अनुसार भारत एशिया की तीसरी बड़ी अर्थ व्यवस्था है, यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से सुधार की आवश्यकता है। कोरोना की दूसरी लहर से निपटने में देश के स्वास्थ्य ढांचे का चरमरना, इसका उदाहरण है। इस सूची में अहमदाबाद दूसरे स्थान पर है। यहां भी एक हजार लोगों पर बेड की उपलब्धता तीन फीसदी से ऊपर है।

गाजियाबाद, ग्रेनो में सुविधाएं कम
दिल्ली-एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद सूची में अंतिम रहे क्योंकि यहां हवा, पानी की गुणवत्ता और साफ-सफाई भी अन्य शहरों के मुकाबले खराब है।

हालांकि गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद के मुकाबले गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में अस्पताल का घनत्व कम है। यहां सर्विस सेक्टर, वेयरहाउसिंग और उत्पादन गतिविधियां बड़े पैमाने पर होती हैं। इस रिपोर्ट को तैयार करने में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल को ही शामिल किया गया है।
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इस रिपोर्ट में हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता पांचवें, छठे और सातवें पायदान पर हैं।

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