फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा को नसीहत: 'मोदी मैजिक और हिंदुत्व ही चुनाव जीतने के लिए काफी नहीं'; आरएसएस के मुखपत्र में कही गई यह बात

Thu, 08 Jun 2023 09:57 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लेख में हालिया कर्नाटक चुनावों का भी विश्लेषण किया गया है। कर्नाटक के चुनाव परिणामों को लेकर कहा गया है कि ये 'आश्चर्यजनक हैं, लेकिन ये चौंकाने वाले नहीं हैं। संपादकीय में बोम्मई सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की ओर भी इशारा किया गया है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ट्विटर/संबित पात्रा
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगामी चुनावों को लेकर आरएसएस ने अपने मुखपत्र ‘द ऑर्गनाइजर' के जरिए भारतीय जनता पार्टी को आगाह किया है। हाल ही में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव हारने के बाद इस पत्रिका में एक लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैजिक और हिंदुत्व का मुद्दा ही केवल चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त नहीं है। चुनाव जीतने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व और प्रभावी कार्य शैली भी जरूरी है।

विज्ञापन

 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र 'द ऑर्गनाइजर' में बीते 23 मई को प्रकाशित प्रफुल्ल केतकर के एक संपादकीय में पत्रिका की ओर से कहा गया है कि 'भाजपा द्वारा अपनी स्थिति का जायजा लेने का यह सही समय है। क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व और प्रभावी कार्य के बिना प्रधानमंत्री मोदी का करिश्मा और हिंदुत्व की विचारधारा  पर्याप्त नहीं है। जब राज्य स्तर का शासन होता है तो भाजपा का मजबूत पक्ष सकारात्मक कारक, विचारधारा और नेतृत्व हैं। 

इस लेख में हालिया कर्नाटक चुनावों का भी विश्लेषण किया गया है। कर्नाटक के चुनाव परिणामों को लेकर कहा गया है कि ये 'आश्चर्यजनक हैं, लेकिन ये चौंकाने वाले नहीं हैं। संपादकीय में बोम्मई सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की ओर भी इशारा किया गया है। कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के केंद्र में सत्ता संभालने के बाद पहली बार, भाजपा को एक विधानसभा चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों का बचाव करना पड़ा। यह परिणाम 2024 के चुनावों से पहले कांग्रेस को बढ़ावा देंगे।
विज्ञापन


इसमे कहा गया है कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनाव अभियान का नेतृत्व करने के बावजूद भाजपा ने पूरे राज्य में खराब प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रचार के दौरान डबल इंजन सरकार के लिए वोट मांगते हुए अभियान को अपना व्यक्तिगत स्वर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव प्रचार अभियान के अंतिम समय में बजरंगबली का आह्वान करके इसे एक ध्रुवीकरण मोड़ भी दिया था। 

संपादकीय में कांग्रेस की रणनीति की सराहना करते हुए कहा गया है कि जब राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व की भूमिका न्यूनतम हो और चुनाव अभियान स्थानीय स्तर हो। ऐसे में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करती दिख रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें