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चुनाव: असम भाजपा को जीत की हैट्रिक के लिए संघ का मंत्र, घुसपैठ-जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे पर फोकस की सलाह

Thu, 19 Feb 2026 05:03 AM IST
लव गौर हिमांशु मिश्र, अमर उजाला

सार

Assam Assembly Elections: असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में राज्य भाजपा इकाई को जीत की हैट्रिक के लिए संघ ने सलाह दी है। संघ ने घुसपैठ-जनसांख्यिकीय बदलाव ठीक पर विकास पर करने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।
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संघ प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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असम में भाजपा को जीत की हैट्रिक लगाने के लिए संघ ने राज्य इकाई को सांप्रदायिक मामलों को अतिरंजित करने से बचने और बीते दो कार्यकाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास को विधानसभा चुनाव के केंद्र में रखने की सलाह दी है। संघ ने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी की चुनावी तैयारियों और प्रबंधन पर नाखुशी जाहिर करते हुए इन क्षेत्रों में सीधा संवाद शुरू करने की भी जरूरत बताई है। गौरतलब है कि ये सलाह बीते दिनों सह सरकार्यवाह अरुण कुमार की संघ की अनुषांगिक संगठनों के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद दी गई है।
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इस बैठक में भाजपा की चुनावी तैयारियों और प्रबंधन पर अनुषांगिक संगठनों का फीड बैक लिया गया। इसमें ये तथ्य उभर कर आए कि लगातार सत्ता के दो कार्यकाल मिलने के बावजूद राज्य में सरकार की उपलब्धियों पर अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकी बदलाव पूरी तरह से हावी हो रहे हैं। संघ का मानना है कि पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम में ये दोनों मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, इन पर निरंतरता में बात होनी चाहिए, मगर इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार के दो कार्यकाल की उपलब्धियां ही गौण हो जाएं। वह भी इस स्थिति में जब असम समेत पूरे पूर्वोत्तर ने बीते एक दशक में विकास के नए आयाम गढ़े हैं।

एंटी इन्कम्बेंसी से निपटने की योजना
चूंकि राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार बीते दस साल से सत्ता में है, ऐसे में पार्टी के सामने एंटी इन्कम्बेंसी भी बड़ी चुनौती है। इसके लिए ढाई दर्जन जीती हुई सीटों की पहचान की गई है, जहां उम्मीदवार बदले जाने हैं। इसके अलावा हिमंता सरकार ने महिला वर्ग को साधने के लिए पहले ही नकद भुगतान योजना चला रखी है।
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एक ही फेज में चुनाव की तैयारी
असम में मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित होंगे। योजना अप्रैल महीने में एक ही फेज में कराने की है। भाजपा की योजना चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूर्व उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने की है। इस क्रम में पार्टी ने अस्सी से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर लिया है।

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शहर केंद्रित प्रचार और प्रबंधन पर जताई चिंता
संघ ने पार्टी का चुनाव प्रचार और प्रबंधन शहरों तक ही केंद्रित हो जाने पर चिंता जताई है। फीडबैक में सामने आया कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में सरकार और संगठन का सीधा संवाद का मैकेनिज्म बेहद कमजोर है। इसके अलावा संगठन और सरकार के बीच भी संवाद में कमी महसूस की गई। बैठक में मिले फीडबैक को प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया के साथ साझा करते हुए संघ ने राज्य इकाई को कई सलाह दिए हैं।

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