नोटबंदी के बाद मुंबई स्थित एक प्राइवेट बैंक में अमान्य 1000 रुपये और 500 रुपये में 70 करोड़ जमा होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने दो संदिग्ध अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं।
जिन दो अकाउंट में पैसे जमा किए गए उनके जरिए इस राशि को कथित रूप से संदिग्ध फर्जी कंपनियों के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है। अकाउंट फ्रीज करने के समय ईडी को केवल 1.4 करोड़ रुपया मिला है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में मुंबई शहर के एक सर्राफा व्यापारी की भूमिका की जांच चल रही है।
दरअसल, इन खातों में 100 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, लेकिन 30 करोड़ रुपया रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) के जरिए ट्रांसफर किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ये दोनों अकाउंट सर्राफा व्यापारी के हैं। आशंका ये है कि नोटबंदी के बाद अमान्य 1000 और 500 रुपये के नोटों के जरिए प्रीमियम पर सोने की बिक्री के बाद इतनी बड़ी राशि इन खातों में जमा की गई।
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद अमान्य रुपयों के जरिए सोने की खरीददारी ने पूरे देश में जोर पकड़ लिया है। इन पैसों को अकाउंट में जमा कराने के बाद इसे फर्जी कंपनियों के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है, ताकि इसे वैध राजस्व के रूप में दिखाया जा सके।