केंद्रीय बजट 2025-26 में गृह मंत्रालय (एमएचए) के लिए कुल 2,33,210.68 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसमें से अधिकांश राशि (1.60 लाख करोड़ रुपये) सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों को आवंटित की गई है, जिन पर आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।
इस बजट में जम्मू और कश्मीर को 41,000.07 करोड़ रुपये, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को 6,212.06 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 6,187.48 करोड़ रुपये, दादरा और नगर हवेली को 2,780 करोड़ रुपये, लद्दाख को 4,692.15 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,586.16 करोड़ रुपये और पुडुचेरी को 3,432.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बजट में जनगणना से जुड़े कामों के लिए केवल 574.80 करोड़ रुपये (2024-25 में 572 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि हर एक दशक में होने वाले इस अभ्यास में और देरी होगी। जनगणना 2020-21 में की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ को 35,147.17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो 2024-25 में 34,328.61 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से अधिक है। इसी तरह, बीएसएफ को 28,231.27 करोड़ रुपये (2024-25 में 27,895 करोड़ रुपये), सीआईएसएफ को 16,084.83 करोड़ रुपये (2024-25 में 15,272.22 करोड़ रुपये), आईटीबीपी को 10,370 करोड़ रुपये (2024-25 में 9,861.14 करोड़ रुपये), एसएसबी को 10,237.28 करोड़ रुपये (2024-25 में 9,834.59 करोड़ रुपये) और असम राइफल्स को 8,274.29 करोड़ रुपये (2024-25 में 7,855.23 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को ज्यादातर सुरक्षा कर्तव्यों, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों, मध्य और पूर्वी भारत में नक्सलियों और पूर्वोत्तर में उग्रवादियों के खिलाफ अभियानों के लिए तैनात किया जाता है। जबकि, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत की सीमाओं की रक्षा करता है और इसे आंतरिक सुरक्षा के लिए भी तैनात किया जाता है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) परमाणु संयंत्रों, हवाई अड्डों और मेट्रो नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करता है। वहीं, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) चीन के साथ भारत की सीमा की रक्षा करता है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) नेपाल और भूटान के साथ सीमाओं की रक्षा करता है, जबकि असम राइफल्स म्यांमार के साथ भारत की सीमा की रक्षा करती है।
खुफिया ब्यूरो (आईबी) को 3,893 करोड़ रुपये (2024-25 में 3,966.21 करोड़ रुपये), दिल्ली पुलिस को 11,931.66 करोड़ रुपये (2024-25 में 11,467.62 करोड़ रुपये) और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) को 489.00 करोड़ रुपये (2024-25 में 510.97 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं। आईबी देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी हैं। दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा करती है और एसपीजी प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करती है।
इसके अलावा, सीआरपीएफ को 35,147 करोड़ रुपये, बीएसएफ को 28,231 करोड़ रुपये, सीआईएसएफ को 16,084 करोड़ रुपये, आईटीबीपी को 10,370 करोड़ रुपये, एसएसबी को 10,237 करोड़ रुपये और असम राइफल्स को 8,274 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके सथ ही बुनियादी सुरक्षा ढांचे, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा और अन्य केंद्रीय योजनाओं के लिए भी बजट में राशि तय की गई है।