इससे पहले मुंबई की एक विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री अनिल देशमुख को जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले वित्तीय अपराध पर गंभीरता से गौर किया जाना चाहिए।
100 करोड़ रुपये की वसूली मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और NCP नेता अनिल देशमुख ने विशेष CBI अदालत द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका पर सुनवाई 11 नवंबर को होगी।
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इससे पहले मुंबई की एक विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री अनिल देशमुख को जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले वित्तीय अपराध पर गंभीरता से गौर किया जाना चाहिए। राकांपा नेता देखमुख को दो नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था। वह न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें फिलहाल ‘कोरोनरी एंजियोग्राफी’ के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीबीआई की विशेष कोर्ट ने कहा था कि जांच ने बार मालिकों से धन एकत्र करने और देशमुख को पूर्व सहयोगी कुंदन शिंदे के माध्यम से पहुंचाने के तथ्य को स्थापित किया था। वह भी इस मामले में एक आरोपी है। कोर्ट ने कहा था कि मौजूदा मामले में अब तक यह स्पष्ट है कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली एक बड़ी राशि शामिल है। राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले इस तरह के वित्तीय अपराध पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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दरअसल, मार्च 2021 में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृहमंत्री देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को मुंबई में रेस्त्रां और बार से प्रति माह 100 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का लक्ष्य दिया था। उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास 'एंटीलिया' के बाहर एक वाहन में विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में गिरफ्तार वाजे ने भी उनके खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाए थे।