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आठवले बोले: हमारी पार्टी मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग का समर्थन नहीं करती, भाजपा का भी ऐसा ही रुख 

Tue, 19 Apr 2022 04:40 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर

सार

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने का विरोध करते हुए राज्य सरकार से उन्हें 3 मई तक हटाने की चेतावनी दी है। 
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केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (फाइल फोटो) - फोटो : facebook.com/ramdasathawale
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को कहा कि उनके नेतृत्व वाला आरपीआई-ए मनसे प्रमुख राज ठाकरे की मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग का समर्थन नहीं करता है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अठावले  ने यह भी दावा किया कि भाजपा भी इस मुद्दे पर राज ठाकरे के रुख का समर्थन नहीं करती है। 

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आठवले ने कहा, बालासाहेब भी ऐसी मांग के विरोध में थे 
आठवले की पार्टी एनडीए का एक घटक भी है। अठावले ने कहा कि अगर वे (मनसे) लाउडस्पीकर का उपयोग करना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन हम मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग का विरोध करते हैं। यहां तक कि बालासाहेब ठाकरे भी ऐसी मांग के विरोध में थे। मुझे लगता है कि धर्मों के बीच दरार पैदा नहीं की जानी चाहिए।  

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने का विरोध करते हुए राज्य सरकार से उन्हें 3 मई तक हटाने के लिए कहा है, ऐसा नहीं करने पर उनकी पार्टी मस्जिदों के बाहर तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाएगी। 
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आठवले ने कहा कि भाजपा मस्जिदों के ऊपर लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने के इस तरह के आह्वान का समर्थन नहीं कर रही है। भाजपा ने कभी ऐसा रुख नहीं अपनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' में विश्वास करते हैं और भाजपा के इस तरह का रुख अपनाने की कोई संभावना नहीं है। यह राज ठाकरे का एजेंडा है। 

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कोयले की कमी के कारण 12 राज्यों को बिजली की समस्या

महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने मंगलवार को कहा कि कोयले की कमी के कारण 12 राज्यों को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और उनका विभाग सूक्ष्म स्तर की योजना के साथ यहां कमी को कम करने के लिए काम कर रहा है। संवाददाताओं से बात करते हुए राउत ने कहा कि इस सूक्ष्म स्तर की योजना के कारण पिछले पांच से छह दिनों से महाराष्ट्र में कोई लोड-शेडिंग नहीं हुई जबकि बिजली की कमी 15 प्रतिशत थी।

उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा संचालित महाजेनको ने 8000 मेगावाट बिजली पैदा करने का लक्ष्य रखा है, जबकि तटीय क्षेत्र में थर्मल पावर प्लांट आयातित कोयले पर काम करते हैं, जिसके आयात पर प्रतिबंध हाल ही में केंद्र ने हटा लिया था। 
 
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