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सिद्धू केस की सुनवाई के दौरान SC ने दिया सड़कों का उदाहरण, असभ्यता के गिनाए ये मामले

Wed, 04 Apr 2018 09:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सड़क पर शिष्टाचार समाज का एक जरूरी हिस्सा है लेकिन अफसोस है कि हमारे देश में इसका अभाव है। वहीं दूसरे देशों में यह शिष्टाचार देखने को मिलता है। न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को कहा है कि भारत में सड़क पर शिष्टाचार कम देखने को मिलता है। यहां तक कि जेब्रा क्रॉसिंग पर भी चालक वाहन नहीं रोकते। दूसरे देशों में सबसे बड़े पद पर बैठा व्यक्ति भी जेब्रा क्रॉसिंग पर अपनी गाड़ी रोक देता है लेकिन यहां लोग गाड़ी रोकने की बजाए हॉर्न देते हैं और गाड़ी तेजी से भगाते हैं। 

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शीर्ष अदालत ने कहा, हमारे देश में जेब्रा क्रॉसिंग पर भी लोग गाड़ी नहीं रोकते

पीठ ने कहा कि हमारे देश में शिष्टाचार के नाम पर लोग हॉर्न बजाते हैं। पीठ ने ये टिप्पणी पूर्व क्रिकेटर और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू मामले की सुनवाई के दौरान की। मालूम हो कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सिद्धू को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। 

सिद्धू ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सिद्धू की सजा पर रोक लगा रखी है।  वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा कि यह मामला रोडरेज का है। उन्होंने अभियोजन पक्ष पर आरोपियों को मदद करने का आरोप लगाया। 

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