राज्यसभा में राजद सांसद मनोज झा
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राज्यसभा में बिहार विधानसभा के हंगामे का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं मिलने पर राजद ने बुधवार को उच्च सदन से वॉकआउट कर दिया। सभापति वेंकैया नायडू ने इसे राज्य का विषय बताते हुए कहा, कल कुछ सदस्य महाराष्ट्र का विषय उठाना चाहते थे, आज आप बिहार का विषय उठाना चाहते हैं और कल कोई और विषय उठाएगा।
राज्यसभा में वित्त विधेयक पेश करने के लिए सभापति ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बुलाया। तभी राजद-कांग्रेस समेत विपक्षी दल डीएमके, आप, टीआरएस, शिवसेना, टीएमसी और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन सरकार को सदन में घेरने और इस विषय में चर्चा की अनुमति मांगी।
राजद सांसद मनोज झा ने बिहार विधानसभा की घटना का उल्लेख करते हुए उसे जघन्य अपराध की संज्ञा दी। उन्होंने कहा, एक सदन में लोकतंत्र तार-तार हुआ है। महिला विधायकों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है।
इस पर सभापति ने कहा, मैंने मनोज झा की ओर से दिए गए नोटिस को देखा है चूंकि ये राज्य का विषय है इसलिए इस सदन में नहीं उठाया जा सकता है। विषय को राज्य में उठाएं। इस बीच विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी खड़े हो गए और कहा कि यदि किसी राज्य में अन्याय हुआ है तो चर्चा की जा सकती है। जिस पर सभापति ने महाराष्ट्र के विषय का उल्लेख करते हुए भविष्य में अन्य विषय उठाए जाने का हवाला देकर अनुमति नहीं दी।
सदन के बाहर विपक्ष एकजुट
संसद में मौका न मिलने के बाद विपक्ष ने सदन के बाहर एकजुटता दिखाई। बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास ने विधानसभा में पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने मांग की है कि जिन लोगों ने भी पुलिस को आदेश दिए उनके खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री विधानसभा के अंदर घटना को लेकर अपनी गलती स्वीकारने के साथ विधायकों से माफी मांगे।