बिहार में मुख्य विपक्षी दल आरजेडी सांसद ने चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट की सलाह नहीं मानने का आरोप लगाया है। उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने की बात कही है। सुधाकर सिंह ने एनडीए पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का भी आरोप लगाया है और इसे संसद के मानसून सत्र में उठाने की बात कही है।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने मंगलवार को चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बावजूद बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड को शामिल नहीं किया। सुधाकर सिंह ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह मामला संसद के आगामी मानसून सत्र में जोर-शोर से उठाया जाएगा।
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RJD सांसद ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) फॉर्म बांटने के काम में गड़बड़ियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कई लोगों को फॉर्म जमा करने की रसीद तक नहीं दी गई है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है'।
सुप्रीम कोर्ट की सलाह क्यों नजरअंदाज?
इस दौरान सुधाकर सिंह ने पूछा, 'जब सुप्रीम कोर्ट ने आधार, वोटर कार्ड और राशन कार्ड को SIR प्रक्रिया में विचार करने योग्य दस्तावेज बताया, तो फिर चुनाव आयोग इन्हें अपनी सूची में क्यों नहीं जोड़ रहा?'
एनडीए पर लगाया फर्जी वोटर जोड़ने का आरोप
उन्होंने कहा कि 2003 से अब तक बिहार में ज्यादातर समय भाजपा-जेडीयू गठबंधन (एनडीए की सरकार रही है। 'क्या इस दौरान फर्जी वोटर जोड़े गए? उन्होंने आरोप लगाया कि, अब जब उन्हें हार का डर है, तो वे मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं'।
संसद में उठेगा मुद्दा- राजद सांसद
सुधाकर सिंह ने आगे कहा कि महागठबंधन इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में उठाएगा और इस पर चर्चा की मांग करेगा। 'हम इस विषय पर संसद में बहस की मांग करेंगे'। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा।