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बिहार में सीएम के लिए आरजेडी के चेहरे पर ऐतराज नहीं : कांग्रेस

Sat, 26 Sep 2020 03:15 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शक्ति सिंह गोहिल - फोटो : अमर उजाला
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बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस का कहना है कि अगर आरजेडी अपना चेहरा देती है तो इससे किसी को ऐतराज नहीं है। कांग्रेस ने कहा कि बिहार की जनता भाजपा और जेडीयू से छुटकारा चाहती है। मैं स्वागत करता हूं कि चुनाव आयोग ने बिहार की जनता को कुशासन से मुक्ति देने की तारीखों की घोषणा की है।

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बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने सीएम उम्मीदवार पर कहा कि हर पार्टी को अपना नेता, चेहरा देने का अधिकार है उसमें क्या गलत है। अगर आरजेडी अपना चेहरा देती है तो इससे किसी को एतराज नहीं है। गठबंधन के साथियों से हमारी बातें होती रहती हैं। जो बातें अभी चर्चा के मुद्दों पर हैं उनको साझा करना ठीक नहीं है। कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था को मानती है। सभी के साथ मिलकर जो भी मत बनेगा उसके साथ कांग्रेस पार्टी रहेगी।


उन्होंने कहा कि मेरी उपेंद्र कुशवाहा से लगातार बात हो रही है। वो एनडीए छोड़कर उस वक्त क्यों निकले, क्योंकि उन्होंने बहुत करीब से एनडीए को देखा था और सैद्धांतिक तौर पर निकले थे। मैं मानता हूं कि आगे कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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गोहिल ने कहा कि कुशासन वाले शासक और जनता के मुद्दों के बीच का ये चुनाव होने जा रहा है। उन्होंने माना कि पॉलीटिकली वाइब्रेंट स्टेट होने के नाते सबको ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना है तो खींचातानी हो सकती है।

लेकिन अगर सोच की लड़ाई लड़ते हैं, जनता की आवाज सुनकर उनके लिए हम लड़ रहे हैं तो हमारी खुदगर्जी के कोई मायना नहीं हैं। जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बिहार के लोग विकल्प चाहते हैं ऐसे में हमें अहंकार भुलाना होगा।

बिहार में सुशांत सिंह की मौत को मुद्दा बनाने की कोशिश पर गोहिल ने कहा कि हम सबको नाज है कि सुशांत बिहार का टैलेंटेड युवा था। जिसने कम समय में बॉलीवुड में बड़ा नाम कमा लिया था। उस केस मेें न्याय मिले ये हमारी मांग थी।

साथ ही कहा सबसे पहले हमने मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए। हमारी पूरी संवेदना उस परिवार के साथ हैं। अगर कोई समझता है कि सुशांत सिंह के नाम पर राजनीति करेंगे, सुशांत सिंह के नाम पर वोट बटोर लेंगे, ताकि लोग श्रमिक की दिक्कत भूल जाएं, बाढ़ को भूल जाएं, कुशासन को भूल जाएं, जो वहां पर लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त हुआ है, उसे भूल जाएं, ऐसा जो सोच रहा है वो मूर्खता कर रहा है।

आगे कहा, हम चाहते हैं कि सुशांत को न्याय मिले, अगर इसके पीछे कोई भी दोषी हो तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले।  एक अन्य प्रश्न पर गोहिल ने कहा कि हमारी मांग थी कि 500 से ज्यादा वोटर एक पोलिंग स्टेशन में नहीं होने चाहिए। अब हजार कर दिए हैं। मैं नहीं मानता हूं इससे बहुत फर्क पड़ेगा। मतदान एक घंटा बढ़ाने से कोई बहुत लंबा फर्क नहीं पड़ेगा।

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