फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या ममता बनर्जी से छिन जाएगी TMC?: ऋतब्रत बनर्जी गुट कल करेगा चुनाव आयोग से मुलाकात, बोले- हम ही असली तृणमूल

Wed, 01 Jul 2026 05:17 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट चुनाव आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए स्वयं को पार्टी का वैध प्रतिनिधि बताएगा। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि उसे संगठन और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का पर्याप्त समर्थन प्राप्त है, इसलिए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर उसका अधिकार होना चाहिए। हाल ही में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया गया था। अब चुनाव आयोग के साथ होने वाली बैठक को इस विवाद की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विज्ञापन
टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल में मिली चुनावी हार के बाद से ही ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच ममता बनर्जी के हाथ से पार्टी और उसका चुनाव चिन्ह भी जाने के आसार बन गए हैं। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ऋतब्रत बनर्जी गुट का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करेगा। 
विज्ञापन


पार्टी के नाम, संगठन, फंड और चुनाव चिह्न 'जोड़ा घास फूल' पर बढ़ते विवाद के बीच टीएमसी के बागी गुट और चुनाव आयोग के बीच होने वाली यह बैठक अहम मानी जा रही है। गुट के नेताओं के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल दोपहर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करेगा।

चुनाव आयोग से मुलाकात के एजेंडे पर क्या बोले ऋतब्रत?
ऋतब्रत बनर्जी ने पीटीआई से कहा, "हमें कल चुनाव आयोग से मिलने का समय मिला है। टीएमसी का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करेगा।" हालांकि, उन्होंने बैठक के एजेंडे का खुलासा करने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन


गुट के सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के सामने यह दावा रखेगा कि वही 'असली' तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है और उसे पार्टी के वैध संगठनात्मक व विधायी गुट के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। गुट के एक नेता ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल यह दलील देगा कि पार्टी के अधिकांश संगठनात्मक पदाधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का समर्थन उनके साथ है। इसलिए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर उनका वैध अधिकार बनता है।

असली टीएमसी के दावे पर कब होगा फैसला?
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब कुछ दिन पहले ऋतब्रत बनर्जी समर्थक नेताओं ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात कर चुनाव चिह्न विवाद पर अपना पक्ष रखा था।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के बड़ी संख्या में विधायकों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट से अलग रास्ता अपना लिया था। इसके बाद से पार्टी के संगठन, विधायी दल और राजनीतिक पहचान पर दोनों गुटों के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों ही खुद को असली तृणमूल कांग्रेस होने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें