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Report: पालतू जानवरों से एलर्जी का खतरा बढ़ा, कहा- साफ-सफाई के अभाव में हर चौथे भारतीय को हो सकती है बीमारी

Sun, 21 Jan 2024 06:40 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पालतू जानवरों को चूमने से जूनोटिक संक्रमण का खतरा रहता है। जापान में एक महिला को नियमित रूप से अपने कुत्ते के चेहरे को चूमने के बाद उसे पास्चुरेला मल्टीकोडा संक्रमण के कारण मेनिनजाइटिस हो गया था। छोटे बच्चों में भी ऐसे संक्रमण की संभावना अधिक होती है।

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pets - फोटो : iStock
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विस्तार
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पालतू जानवरों को बिस्तर और सोफे पर बैठाना और उन्हें साफ नहीं रखना आपके लिए बीमारी का सबब बन सकता है। पालतू जानवरों के बाल और रूसी वायरस एलर्जी का कारण बन सकते हैं। डायसन की ओर से किए गए एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है।

डायसन ग्लोबल डस्ट अध्ययन के अनुसार भारतीय पशु मालिक पालतू जानवरों पर कीड़ों और प्रदूषकों की उपस्थिति के बारे में काफी जागरूक होते हैं। लेकिन चार में से केवल एक पालतू जानवर का मालिक ही हर दिन अपने घर की सफाई को प्राथमिकता देता है इसलिए खुद को और अपने परिवार को पालतू जानवरों की एलर्जी से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी खतरों के दायरे में लाते हैं। यानी पालतू जानवरों की देखभाल में लापरवाही के कारण हर चौथा भारतीय बीमारी की चपेट में आ सकता है। एमडीपीआई ओपन एक्सेस में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार बैसिलस एंथ्रेसीस पशुओं में एक घातक बीमारी फैलाता है। यह एक रॉड के आकार का जीवाणु है जो एंथ्रेक्स नामक बीमारी कारण बनता है। पशुओं से मनुष्यों के सम्पर्क से यह लोगों को भी संक्रमित करता है तथा स्वास्थ्य के लिए अनिश्चित खतरे पैदा करता है।

चूमने से हो सकता है जूनोटिक संक्रमण

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अध्ययन के अनुसार, पालतू जानवरों को चूमने से जूनोटिक संक्रमण का खतरा रहता है। जापान में एक महिला को नियमित रूप से अपने कुत्ते के चेहरे को चूमने के बाद उसे पास्चुरेला मल्टीकोडा संक्रमण के कारण मेनिनजाइटिस हो गया था। छोटे बच्चों में भी ऐसे संक्रमण की संभावना अधिक होती है।

कुत्ते-बिल्लियों में एमआरएसए के भंडार
कुत्ते और बिल्लियां दोनों मेथिसिलिन-प्रतिरोधी जीवाणु स्टैफिलोकोकस ऑरियस (एमआरएसए) के भंडार हैं। एमआरएसए अक्सर त्वचा संक्रमण का कारण बनता है। कुछ मामलों में यह निमोनिया और सेप्सिस का कारण भी बन सकता है। कुत्ते के मुंह और लार में कैप्नोसाइटोफागा बैक्टीरिया रहते हैं जो निकट संपर्क या काटने के माध्यम से लोगों में फैल सकता है।

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