अफस्पा के खिलाफ 16 वर्ष से भी अधिक समय तक भूख हड़ताल करने वाली मणिपुर की नागरिक अधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला बृहस्पतिवार को अपने ब्रिटिश साथी डेसमंड कौटिन्हो के साथ शादी के पवित्र बंधन में बंध गईं। शर्मला और कौटिन्हों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। उनकी शादी बृहस्पतिवार की सुबह विशेष विवाह अधिनियम के तहत सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में हुई।
शर्मिला और कौटिन्हों ने सब-रजिस्ट्रार राधाकृष्णन की उपस्थिति में एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई। यह एक बहुत ही साधारण शादी थी जिसमें दूल्हा और दुल्हन दोनों के परिवारवाले मौजूद नहीं थे। दंपति ने पहले हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी की और फिर अंतर-धार्मिक होने के कारण सब-रजिस्ट्रार ने इसे विशेष विवाह अधिनियम के तहत दर्ज किया।
पत्रकारों से बात करते हुए शर्मिला ने कहा कि कोडाइकनल एक शांतिपूर्ण जगह है और उनकी शांति की तलाश यहां पहुंचकर खत्म हो गई है। नागरिक अधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि कोडाइकनल पहाड़ी में वह आदिवासियों के हित के लिए आवाज उठाएंगी।
‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर 44 साल की नागरिक अधिकार कार्यकर्ता ने 4 नवंबर, 2000 को सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम, 1958 को मणिपुर से वापस लेने के लिए भूख हड़ताल शुरू किया था। अपने विरोध को किसी तार्किक परिणाम तक न पहुंचते हुए देखने के बाद 9 अगस्त, 2016 को उन्होंने अपना उपवास तोड़ दिया था। इसके बाद वह मणिपुर विधानसभा के चुनाव में उतरीं मगर वह हार गईं।